
पटना: बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता हरि नारायण सिंह ने 18वीं बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एक नया और अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी 78 वर्षीय हरि नारायण सिंह ने 10वीं बार विधायक बनकर इतिहास रच दिया है। हरिनारायण सिंह को जीत के लिए शुभकामनाएं और 10वीं बार सदन में विधायक चुनकर आने को लेकर बिहार विधानसभा में तालियां भी बजीं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी हरिनारायण सिंह ने रिकॉर्ड कायम किया है। हरि नारायण सिंह ने अपनी इस ऐतिहासिक जीत में हरनौत विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण कुमार बिंद को 47,909 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। 1952 के बाद यह पहला मौका है जब किसी विधायक ने 10 बार विधानसभा चुनाव जीता हो।
इससे पहले यह रिकॉर्ड सदानंद सिंह और रमई राम के साथ संयुक्त रूप से नौ जीत का था, लेकिन दोनों नेताओं के निधन के बाद, हरि नारायण सिंह ने 2025 में 10वीं जीत दर्ज कर खुद को ‘क्लब 10’ में अकेले स्थापित कर लिया है। उनकी जीत का सिलसिला 1977 से शुरू होकर 2025 तक लगातार जारी रहा है, जिसमें उन्होंने दो विधानसभा क्षेत्रों (हरनौत और दूसरी) से पांच-पांच बार जीत हासिल की। हरि नारायण सिंह का नाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह नालंदा जिले की हरनौत विधानसभा से जीतकर आए हैं, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शुरुआती राजनीतिक कर्मभूमि रही है। नीतीश कुमार ने पहली बार 1985 में इसी सीट से विधायक का चुनाव जीता था। हरि नारायण सिंह, जो मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र हैं, नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्री भी रह चुके हैं, जिससे उनका और मुख्यमंत्री का संबंध राजनीतिक रूप से काफी गहरा है। जहां हरि नारायण सिंह ने 10वीं जीत दर्ज की है, वहीं अन्य दो वरिष्ठ नेता भी उनके साथ रिकॉर्ड बुक में शामिल हैं। बिजेंद्र प्रसाद यादव (जदयू, सुपौल), इन्होंने 9वीं बार लगातार जीत दर्ज की है।
प्रेम कुमार (भाजपा, गया शहर), जो अभी वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष हैं। इन्होंने भी 9वीं बार चुनाव जीता है। जेडीयू के विधायक हरिनारायण सिंह नालंदा जिले के हरनौत विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। हरि नारायण सिंह 78 साल के हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास कुल 6. 1 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनके ऊपर 96 हजार 250 रुपये की देनदारी भी है। भले ही उनकी उम्र और स्वास्थ्य को लेकर संशय था, लेकिन हरि नारायण सिंह ने अपनी राजनीतिक पकड़ और जनाधार को साबित करते हुए न केवल जीत हासिल की, बल्कि बिहार विधानसभा में सर्वाधिक बार चुनाव जीतने का नया इतिहास रच दिया है। उनकी यह शानदार जीत बिहार की राजनीति में अनुभव और विश्वसनीयता का प्रतीक बन गई है, जिसके लिए पूरे सदन में तालियां बजीं।






