मधुबनी: मधुबनी जिले में वोटरों की एक बड़ी जमात में असंतोष उभर कर सामने आ गया है। बिहार की नई नीतीश कुमार सरकार के गठन के बाद ये गुस्सा फूटा है। एनडीए कैबिनेट ने मैथिली ब्राह्मण समुदाय से आने वाले प्रमुख भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा को स्पष्ट रूप से दरकिनार कर दिया है। इतनी बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भी नीतीश मिश्रा को नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में रिपीट नहीं किया गया।
पिछली सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में नीतीश मिश्रा के मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें 26 सदस्यीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। अब मैथिली ब्राह्मण समुदाय के लिए ये आग में घी डालने जैसा हो गया है। इन वोटरों का कहना है कि मैथिली ब्राह्मण समुदाय ने लगातार चुनावों में एनडीए, विशेष रूप से भाजपा का जमकर समर्थन किया है।
बेनीपट्टी अनुमंडल के उदयन गांव के एक स्थानीय भाजपा नेता रणधीर ठाकुर ने कहा, ‘मिश्रा जी सिर्फ एक मंत्री नहीं थे, वे हमारे विकास के पुल थे। दूसरों को इनाम देते हुए उन्हें हटाना विश्वासघात जैसा लगता है।’







