Home बिहार बिहार में नई सरकार की चुनौती: खाली खजाना और बढ़ते कर्ज के...

बिहार में नई सरकार की चुनौती: खाली खजाना और बढ़ते कर्ज के बीच कैसे पूरे होंगे चुनावी वादे?

251
0
The challenge for the new government in Bihar: How will election promises be fulfilled amid an empty treasury and rising debt?

नई दिल्ली/पटना: बिहार में नई NDA सरकार के लिए अपने पिछले शासन में उठाए गए लोकलुभावन कदमों और चुनावी वादों का बोझ संभालना मुश्किल हो सकता है। जहां चुनाव के ऐलान से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के जरिए एक करोड़ महिलाओं को 10 हजार करोड़ रुपये दिए गए, पेंशन बढ़ाई गई, विकास मित्रों को टैबलेट खरीदने के लिए पैसे देने का ऐलान हुआ। वहीं चुनावी वादों में प्रति परिवार 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने जैसी कई कसमें खाई गई हैं। दूसरी ओर, राज्य के खजाने में इसकी अपनी कमाई का हिस्सा घटकर 22.2 फीसदी पर आ चुका है। बाकी सब केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अनुदान के भरोसे है। राज्य पर कर्ज भी इसके GDP के 37.1 फीसदी के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए राज्य का जो बजट पेश किया गया था, उसमें 2.52 लाख करोड़ रुपये के राजस्व व्यय का अनुमान दिया गया था।

यह पिछले साल से 10 फीसदी कम है। एमके ग्लोबल की चीफ इकनॉमिस्ट माधवी अरोड़ा ने कहा, ‘नाजुक राजकोषीय हालत में बिहार ने चुनाव से पहले जिन फ्रीबीज और सब्सिडी स्कीम्स का ऐलान किया, वे करीब 34 हजार 400 करोड़ रुपये की है। यानी इसके GDP के 3.1 फीसदी के बराबर है। बिहार स्टेट GST और केंद्रीय करों में अपनी हिस्सेदारी पर निर्भर है। GST दरों में बदलाव से असर पड़ेगा और इसकी राजकोषीय स्थिति खराब होनी तय है।’ हर जिले में फैक्ट्री लगाने और 10 नए औद्योगिक पार्क डिवेलप करने का चुनावी वादा किया तो गया है, पर खजाने का हाल ऐसे कदमों पर सवालिया निशान लगा रहा है। यह ऐसे राज्य के लिए चिंता की बात हो सकती है, जहां 15-29 साल के लोगों में बेरोजगारी दर 16.7 फीसदी है। 2023-24 में विभिन्न मदों में बिहार ने जो सब्सिडी दी थी, उसका 81 फीसदी बिजली सब्सिडी में गया था। अब प्रति परिवार 125 यूनिट फ्री बिजली का वादा निभाना होगा। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल की रिपोर्ट के मुताबिक, हर महीने 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने और इससे जुड़े टैक्स सरकार को नहीं मिलने से खजाने को वित्त वर्ष 2026 में 7400 करोड़ की चपत लग सकती है। सोशल पेंशन 700 रुपये महीने बढ़ाने पर 4600 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।

GNSU Admission Open 2026

– मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: 1 करोड़ महिलाओं को 10,000 करोड़ रुपये दिए गए।
– मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना: 5 लाख ग्रैजुएट्स को 2 साल तक हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे।
– बुजुर्गों, महिलाओं और विकलांगों को पेशन: 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दी गई है।
– 10,000 विकास मित्रों के लिए टैबलेट : 25,000 रुपये प्रति विकास मित्र दिए जाएंगे।
– शिक्षा सेवकों को स्मार्टफोन : 10,000 रुपये प्रति शिक्षा सेवक दिए जाएंगे।
– कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि : साल में कुल 9,000 रुपये दिए जाएंगे।

GNSU Admission Open 2026