
पटना: चुनाव आयोग (Election Commission) ने बुधवार को कहा कि बिहार में 122 विधानसभा सीटों के किसी भी मतदान केंद्र पर दोबारा चुनाव कराने की सिफारिश नहीं की गई है, जहां 11 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, ‘बिहार के हालिया इतिहास में यह पहली बार है कि किसी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान का आदेश नहीं दिया गया। जांच के बाद, किसी भी मतदान केंद्र पर कोई विसंगति या गड़बड़ी नहीं पाई गई और पुनर्मतदान की सिफ़ारिश नहीं की गई।’
पहले चरण में भी पुनर्मतदान नहीं हुआ था। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि उसकी 17 पहले रंग लाईं और बिहार प्रथम फेज के परिणामस्वरूप उत्सवी माहौल के बीच रिकॉर्ड और शांतिपूर्ण मतदान हुआ, इसके अलावा पुनर्मतदान भी शून्य रहा। चुनाव आयोग ने कहा, ‘बिहार विधानसभा के लिए दो चरणों का मतदान मंगलवार को 67.13% (अनंतिम डेटा) के ऐतिहासिक उच्चतम मतदान के साथ संपन्न हुआ। यह 1951 के बाद से राज्य में दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक मतदान है। पुरुष मतदाताओं के बीच मतदान 62.98% और महिला मतदाताओं के बीच 71.78% रहा।’
आयोग ने मार्च 2025 से कई पहल की हैं, जिनमें से 17 पहल चुनावी बिहार पर केंद्रित हैं। आयोग ने कहा, “इन पहलों का उद्देश्य मतदाताओं की सुविधा में सुधार, मतदान कर्मियों के लिए सुव्यवस्थित प्रशिक्षण और संवैधानिक एवं कानूनी ढाँचे पर आधारित तकनीक-संचालित प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना है।” चुनाव आयोग ने आगे बताया कि बिहार मतदाता सूची को अद्यतन और साफ़-सुथरा बनाए रखने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), 2025, बिना किसी अपील के चलाया गया। चुनाव आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया के आधार पर, दो चरणों में 7,45,26,858 मतदाता मतदान के पात्र थे। अब कल बिहार में वोटों की गिनती के बाद नतीजे सामने आ जाएंगे।






