एक्सपर्ट रितेश कुमार की चेतावनी, फेक न्यूज और ऑनलाइन ठगी से रहें सावधान
सासाराम। जैसे-जैसे चुनावी माहौल गर्म होता जा रहा है, मतदाताओं के लिए सतर्क रहना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ ही फेक न्यूज, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट रितेश कुमार ने मतदाताओं को चेताया है कि थोड़ी-सी लापरवाही उन्हें साइबर ठगी का शिकार बना सकती है और अनजाने में साइबर अपराधों को बढ़ावा भी दे सकती है।रितेश कुमार ने कहा कि डिजिटल युग में किसी भी चुनाव संबंधी सूचना या संदेश की सत्यता की जांच करना हर नागरिक का दायित्व है। सोशल मीडिया पर मिलने वाले संदेशों या वीडियो को बिना सत्यापन साझा करना अफवाह फैलाने के समान है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि किसी भी खबर की पुष्टि केवल विश्वसनीय स्रोतों — जैसे कि जनसंपर्क विभाग, राजनीतिक दलों की आधिकारिक वेबसाइटें या नेताओं के सत्यापित अकाउंट्स — से ही करनी चाहिए।
साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि ठग अब “वोटर आईडी अपडेट”, “KYC वेरिफिकेशन” या “ऑनलाइन वोटिंग लिंक” जैसी चालों का इस्तेमाल कर लोगों से निजी जानकारी मांग रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और कभी भी वोटर आईडी नंबर, आधार या ओटीपी साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक मिले, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। उन्होंने यह भी बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग बढ़ने से अब फर्जी वीडियो और ऑडियो क्लिप बनाना आसान हो गया है। ऐसे वीडियो देखकर लोग धोखे में आ सकते हैं। इसलिए मतदाताओं को किसी भी वीडियो या ऑडियो संदेश को साझा करने से पहले उसकी वास्तविकता की जांच करनी चाहिए। वीडियो में लिप सिंक, आवाज और चेहरे के हावभाव पर ध्यान देना धोखाधड़ी की पहचान में मदद कर सकता है।
साथ ही, अज्ञात नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को स्वीकार करने से बचें।रितेश कुमार ने युवा मतदाताओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें। जाति, धर्म या किसी समुदाय से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो या गाने साझा करने से बचें, क्योंकि यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि एक गलत पोस्ट व्यक्ति की प्रतिष्ठा और करियर दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है।अंत में, रितेश कुमार ने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे चुनावी प्रक्रिया के दौरान इन बातों का पालन करें:फेक न्यूज या अफवाहों को साझा न करें।केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें।किसी अपरिचित व्यक्ति द्वारा सुझाए गए ऐप्स इंस्टॉल न करें।चुनाव से संबंधित जानकारी केवल निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या सरकारी अधिसूचना से ही प्राप्त करें।







