
सीतामढ़ी: निर्दलीय महिला प्रत्याशी को समर्थकों ने पहले दूध से नहलाया…लड्डू से तौला और अब मछली से तौल दिया है। यह सुनने में भले ही हर किसी को कुछ अजीब लगेगा, पर यह बात उतनी ही सच है, जितनी कि सूर्य का उदय पूर्व दिशा में होता है। पहले से चर्चित रितु जायसवाल विधानसभा चुनाव में सीतामढ़ी जिला में सबसे अधिक सुर्खियों में बनी हुई हैं। अपनी बगावत के चलते वो निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं और खासकर भाजपा-राजद के प्रत्याशियों के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बन गई हैं। गौरतलब है कि रितु जायसवाल परिहार विधानसभा क्षेत्र के सोनबरसा प्रखंड के सिंहवाहिनी गांव की है। वह मुखिया भी रह चुकी हैं।
राजद की प्रदेश प्रवक्ता सह राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रितु को पार्टी ने बेलसंड विधानसभा सीट से टिकट देने की पेशकश की थी, जिसे ठुकरा कर उन्होंने परिहार से टिकट मांगा था। वह परिहार से टिकट लेने में नाकाम रहीं। राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामचंद्र पूर्वे की बहू को उनकी जगह परिहार से टिकट दे दिया गया। टिकट नहीं मिलने से नाराज रितु निर्दलीय चुनाव में उतरी है। वैसे पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई भी की है। पिछले दिनों रितु अपने विवादित बयानों से चर्चा में रही थीं। उन्होंने डॉ रामचंद्र पूर्वे को गद्दार काहा था। उनका कहना था कि पिछले विधानसभा चुनाव में जब वह परिहार से राजद की प्रत्याशी थीं, तो पूर्वे ने उनका विरोध किया था।
इसके बावजूद पार्टी ने उनकी बहू को टिकट दे दिया। इसी कारण वह बागी के रूप में निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। जानकारों का कहना है कि भले ही चुनाव के नतीजे चाहे जो हों, पर क्षेत्र में रितु के समर्थकों की संख्या अच्छी खासी तादाद में है। समर्थकों का उनके प्रति यह जुनून ही कहा जायेगा कि किसी गांव में उन्हें दूध से नहलाया गया है, तो किसी गांव में लड्डू से तौला गया है। अब उन्हें मछली से तौला गया है। एक गांव में उन्हें पिछले दिनों घोड़े पर बैठाकर उनका स्वागत किया गया था। बहरहाल, जानकारों की नजर में रितु चुनाव में एक फैक्टर बन सकती हैं।






