बेगूसराय: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अगर असदुद्दीन ओवैसी भी गाय को माता और गो रक्षा करने का वादा करेंगे तो उनका भी वह समर्थन करेंगे। इसके साथ ही बिना नाम लिए धीरेन्द्र शास्त्री पर तंज कहते हुए कहा कि जो लोग हिंदू राष्ट्र की बात कहते हैं, जब हम अभी हिंदू ही नहीं बने तो हिंदू राष्ट्र की बात कहना बचकानी है। भारत बंटवारे पर कहा कि भारत के द्वारा भारत का बंटवारा हुआ तो पाकिस्तान नाम रखा। लेकिन नाम रखना चाहिए था भारत दो। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार और विपक्ष पर भी गो हत्या करने का आरोप लगाते हुए बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने की बात कही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गो भक्तों ने बिजली पानी सड़क के लिए कई बार वोट किया है। लेकिन अब एक बार गौरक्षा के लिए वोट किया जाए इसको लेकर वह यात्रा पर निकले हैं। बिहार के 243 सीटों पर गौ भक्त चुनाव लड़ेंगे, जिसका वह समर्थन करेंगे। भाजपा के कथनी और करनी में अंतर आया है। 12 साल से शासन में है लेकिन गौ हत्या रोकने में सफल है और अब गौ हत्या रोकने की बात कहने से भी परहेज करते हैं। वहीं ओवैसी के समर्थन के सवाल पर कहा कि उन्होंने कहा था कि गौ माता की रक्षा के लिए जो भी पार्टी संगठन बात करेगा उसका वह समर्थन करेंगे। स्वामी ने कहा कि ओवैसी अगर गाय को माता मान लेंगे गौ हत्या बंद करवाने की बात कहेंगे तो उनका भी हम समर्थन करेंगे और अगर हमारा कोई भाई भी गौ हत्या की बात करेगा तो उसका हम विरोध करेंगे। जो सत्ता में है वह भी जो विपक्ष में है वह भी गौ हत्या पर बोलने से परहेज कर रहे हैं।
हमने सब से मिलकर निवेदन किया लेकिन कोई भी गौ हत्या बंद करने की बात नहीं करता है। बिना धीरेंद्र शास्त्री का नाम लिए कहा कि जो लोग हिंदू राष्ट्र की बात कहते हैं कि क्या हम पहले हिंदू बन गए हैं? बिना हिंदू बने हिंदू राष्ट्र की बात कहना बचकाना है। जहां तक मुसलमान की बात है तो मुसलमान हमारे देश के नहीं हैं। वह सऊदी अरब के हैं। वह आज भी सऊदी अरब की तरह मुंह कर काम करते हैं। उनका सर भारत की धरती में लगता जरूर है लेकिन प्रणाम वह सऊदी अरब को करते हैं। हमारा संस्कार है। हम उन्हें शरण दिए हुए हैं। उन्होंने भारत को टुकड़े करके पाकिस्तान बना दिया लेकिन एक सेब को काटेंगे तो दूसरा सेब ही कहलाएगा इसलिए बंटवारा हुआ तो एक का नाम भारत एक और दूसरे का नाम भारत दो रहना चाहिए था।







