पटना: भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह शुक्रवार को पूर्व चुनाव रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) से मिलने के लिए पटना के शेखपुरा हाउस पहुंचीं। माना जाता है कि वे विधानसभा चुनाव में टिकट पाने के लिए प्रशांत किशोर के पास गई थीं। हालांकि प्रशांत किशोर ने कहा है कि हम किसी के पारिवारिक या व्यक्तिगत मामले में नहीं पड़ते और टिकट की बात है तो किसी एक व्यक्ति के लिए नियम बदले नहीं जाएंगे। हालांकि, प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने कहा, “मैं यहां किसी टिकट या चुनाव लड़ने के लिए नहीं आई हूं। मैं यहां उन सभी महिलाओं के लिए आई हूं जो मेरी तरह पीड़ित हैं। मैं प्रशांत भैया से इसी सिलसिले में मिली थी, टिकट के लिए नहीं।” जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भोजपुरी गायक-अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह को टिकट देने के सवाल पर कहा, “दो साल पहले उन्होंने(ज्योति सिंह) अपने कुछ साथियों के साथ हमसे मुलाकात की थी।
उस समय हमारी उनसे परिचय के तौर पर बात हुई थी और उस समय भी हमने उनसे यही कहा था कि ये आपका पारिवारिक मामला है और इस मामले में मेरा कुछ बोलना उचित नहीं होगा। हम किसी के पारिवारिक या व्यक्तिगत मामले में नहीं पड़ते। और टिकट की बात है तो किसी एक व्यक्ति के लिए नियम बदले नहीं जाएंगे। आरा से पहले ही हमारा उम्मीदवार घोषित है। डॉ विजय गुप्ता वहां से हमारे उम्मीदवार हैं जिसमें परिवर्तन की कोई गुंजाइश नहीं है।” ज्योति सिंह और पवन सिंह का तलाक काम मामला चल रहा है। ज्योति सिंह विधायक बनने की महत्वाकांक्षा पाले हैं। वे टिकट के लिए कई पार्टियों से संपर्क कर रही हैं। अगस्त 2025 में ज्योति सिंह ने काराकाट, नबीनगर और डिहरी में जनसम्पर्क अभियान चलाया था। यह राजपूत बहुल विधानसभा सीटें हैं जो काराकाट लोकसभा क्षेत्र में आती हैं।
तब ज्योति सिंह ने पवन सिंह के बारे में न तो कोई घटिया आरोप लगाया था और न ही मीडिया में कोई बात कही थी। चर्चा यह थी कि ज्योति सिंह काराकाट, नबीनगर या डिहरी में से किसी एक सीट पर चुनाव लड़ सकती है। लेकिन काराकाट सीट उनकी खास पसंद थी। सन 2024 के लोकसभा चुनाव के समय जब पवन सिंह यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे तब उनके प्रचार में ज्योति सिंह भी पहुंची थीं। प्रचार के दौरान उन्हें पवन सिंह की पत्नी होने की वजह से खासी अहमियत मिली थी। इसलिए अब ज्योति सिंह काराकाट को अपने लिए अनुकूल सीट मान रही हैं। गौरतलब है कि पवन सिंह के बीजेपी में लौटने का रास्ता तैयार हो गया है। इसके संकेत मिलने के बाद से भोजपुर, रोहतास, भभुआ, बक्सर और औरंगाबाद जिले की राजनीति में हलचल हो रही है। राजपूत-कुशवाहा के नए समीकरण की संभावना से आरजेडी, कांग्रेस और सीपीआई-एमएल परेशान हैं। आशंका जताई जा रही है कि पवन सिंह को नियंत्रित करने के लिए किसी पार्टी ने ज्योति सिंह को आगे बढ़ाया है।







