
वैशालीः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो गई है, लेकिन पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। गुरुवार को उन्होंने वैशाली जिले के सहदोई थाना क्षेत्र के गणियारी गाँव में जमकर पैसे बाँटे, जिसके कारण चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया है। चुनाव आयोग ने इस घटना का संज्ञान प्रभात खबर में डिजिटल माध्यम से प्रकाशित खबर के आधार पर लिया।
चुनाव आयोग के सख्त नियमों के अनुसार, आचार संहिता लागू रहने पर कोई भी राजनेता या जनप्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से नकद राशि, उपहार या किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दे सकता। ऐसा करना मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास माना जाता है। दरअसल, गणियारी गाँव में नदी के किनारे लगातार हो रहे कटाव के कारण दर्जनों परिवार बेघर हो गए थे। पप्पू यादव ने मौके पर पहुँचकर इन बाढ़ पीड़ितों की समस्याएँ सुनीं और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की।
उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रभावित परिवारों को मदद के तौर पर करीब 5 लाख रुपये नकद वितरित किए गए हैं। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने अपनी मंशा साफ की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी को प्रभावित करना या कोई नियम तोड़ना नहीं था, बल्कि उन्होंने ‘मानवता के नाते’ यह मदद की है। उन्होंने तर्क दिया कि जब लोग अपने घरों से बेघर हो रहे हैं, तो एक नेता का कर्तव्य है कि वह उनके साथ खड़ा रहे।






