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मतदाता सूची में सुधार नहीं, 38 जिलों का डाटा पेश, 824 उड़न दस्ते तैनात

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No improvement in voter list, data of 38 districts presented, 824 flying squads deployed

बिहार: बिहार चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने अथवा त्रुटियों में सुधार को लेकर जिला मजिस्ट्रेट के सामने कोई अपील नहीं आई। उधर आयोग ने आचार संहिता भी जारी की है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि बिहार राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान, 2025 के दौरान सभी 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की ओर से निर्वाचक सूची में नाम जोड़ने एवं हटाने को लेकर 8 अक्तूबर तक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 24(क) के तहत जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष कोई अपील प्राप्त नहीं हुई है। इस पोस्ट में उन्होंने राज्य के 38 जिलों के नाम और मिलने वाली अपीलों की संख्या का डाटा भी पेश किया। इसके अनुसार, सभी जिलों के समक्ष अपीलों की संख्या शून्य दर्शाई गई है। मतदाता सूची में संशोधन के लिए आयोग ने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया था।

इसके तहत लाखों लोगों के नाम हटाए गए और लाखों के नाम जोड़े गए। एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सूची से हटाए गए 3.66 लाख मतदाताओं का ब्योरा मांगा। आचार संहिता के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई के लिए पूरे राज्य में 824 उड़न दस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) तैनात किए गए हैं। ये टीमें किसी भी शिकायत पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करेंगी। शिकायत दर्ज कराने के लिए आयोग ने कॉल सेंटर नंबर 1950 जारी किया है, जहां आम लोग या राजनीतिक दल 24 घंटे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सी-विजिल एप के जरिये भी आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत की जा सकती है। रैलियों की पूर्व सूचना देकर अनुमति लेनी होगी। चुनाव आयोग ने बुधवार को स्पष्ट किया कि बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। नियमों के पालन के लिए राज्य के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत निर्देश भेजे गए हैं।

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आयोग ने कहा कि राज्य से जुड़ी नीतियों व घोषणाओं के मामले में यह नियम केंद्र पर भी लागू होंगे। बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और 14 को नतीजे घोषित होंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि जहां तक बिहार से संबंधित घोषणाओं या नीतिगत फैसलों का सवाल है आचार संहिता केंद्र पर भी लागू होगी। नागरिकों की निजता का सम्मान किया जाए और किसी के घर के बाहर प्रदर्शन या धरना न दिया जाए। बिना मालिक की अनुमति के किसी निजी जमीन, भवन या दीवार पर झंडे, बैनर या पोस्टर नहीं लगाए जाएंगे। आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्ति से सभी राजनीतिक नारे, बैनर और पोस्टर हटाए जाएं। चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव में बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और सेवारत मतदाताओं को उनके घर से मतदान करने की सुविधा देगा।

ये लोग डाक मतपत्र के जरिये मतदान कर सकेंगे। आयोग ने कहा कि 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और दिव्यांग मतदाता डाक मतपत्र के माध्यम से अपना वोट डाल सकते हैं। ऐसे मतदाता फॉर्म 12 डी भरकर चुनाव की अधिसूचना जारी होने के 5 दिनों के भीतर अपने बीएलओ के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर को जमा कर सकते हैं। मतदान दल उनके घर जाकर उनके वोट एकत्र करेंगे। मतदान तिथि पर आवश्यक सेवाओं से जुड़े मतदाता अपने संबंधित विभाग के नामित नोडल अधिकारी के माध्यम से डाक मतपत्र सुविधा के लिए आवेदन कर सकते हैं। अग्निशमन सेवाएं, स्वास्थ्य, बिजली, यातायात, एम्बुलेंस सेवाएं, विमानन, लंबी दूरी की सरकारी सड़क परिवहन निगम आदि जैसी आवश्यक सेवाएं इस सुविधा के अंतर्गत आती हैं।




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