
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 1,200 से अधिक बटालियनें तैनात की जाएंगी, जिनमें मुख्य रूप से केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CAPF) शामिल होंगे। मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पहले ही 500 से अधिक बटालियनों की एडवांस डिप्लॉयमेंट शुरू कर दी है। बटालियनों की अंतिम संख्या पर मुहर बुधवार को गृह मंत्रालय के अधिकारियों की CAPF के साथ बैठक के बाद लगेगी।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने शुरूआती बातचीत के दौरान MHA और चुनाव आयोग (EC) के अधिकारियों से चुनाव के लिए 1,800 बटालियनों की मांग की थी। हालांकि, 2020 के तीन-चरण वाले विधानसभा चुनाव के दौरान भी 1,200 बटालियनें ही तैनात की गई थीं। एडवांस डिप्लॉयमेंट में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 121 कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की लगभग 400 कंपनियां शामिल हैं। ये बल स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर लोगों में विश्वास पैदा करने का काम करेंगे ताकि वे 6 और 11 नवंबर को होने वाले चुनाव में निर्भीक होकर मतदान कर सकें।
सुरक्षा के अलावा, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) को CCTV सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। चुनाव आयोग ने सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों की वीडियोग्राफी अनिवार्य की है। अधिकारियों ने बताया कि जिन गतिविधियों की वीडियोग्राफी की जाएगी, उनमें नामांकन दाखिल करने और उसकी जांच, चुनाव चिन्हों का आवंटन, EVM की फर्स्ट-लेवल चेकिंग, EVM को तैयार करना और भंडारण शामिल है। प्रभावी निगरानी के लिए महत्वपूर्ण सीमा चौकियों और स्थिर जांच चौकियों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जहां राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बल तैनात रहेंगे।






