नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री की हुई पूजा अर्चना
शारदीय नवरात्र की शुरुआत आज से हो चुकी है। पंचांग के अनुसार इस बार शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर तक रहने वाली है। नवरात्र के पहले दिन शैलपुत्री के पूजा उपासना के साथ की जाती है जो हिमालय की पुत्री है और मां दुर्गा का प्रथम रूप है। इस दिन कलश स्थापना के साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत होती है। वही नवरात्र के पहले दिन पूरा वातावरण भक्तिमय हो चुका है। इधर सासाराम स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ ताराचंडी धाम में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।
लंबी कतार में लगकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। बता दें कि ताराचंडी धाम 51 शक्तिपीठों में से एक है। वैसे तो इस मंदिर में सालों भर भक्तों का ताता लगा रहता है लेकिन शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र में इसकी महत्ता और बढ़ जाती है। शक्तिपीठ मां ताराचण्डी धाम में नवरात्र के प्रथम दिन सुबह से ही भक्तों का ताता देखा गया। भक्त अपने हाथों में पूजा की थाल लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।

बता दे की सासाराम का यह शक्तिपीठ 51 शक्ति पीठों में से एक है। वैसे तो इस मंदिर में सालों भर भक्तों का ताता लगा रहता है लेकिन शारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र में इस मंदिर का अलग महत्व बढ़ जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर में जो भी श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ मां की पूजा अर्चना करता है उसकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। नवरात्रि के 9 दिन इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां ताराचण्डी का दर्शन करते हैं और मनवांछित फल पाते हैं।
विभिन्न पूजा पंडालों में कलश की हुई स्थापना
इधर शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में कलश स्थापना कर मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। बताते चले के सासाराम के तकिया, रौज़ा रोड, प्रभाकर रोड, करनसराय, बौलिया रोड, फजलगंज के अलावा कई जगहों पर भव्य पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। इन जगहों पर पिछले एक महीने से पंडाल बनाने का कार्य जारी है। आज शहर के सभी पंडालों में कलश स्थापित किया गया और नवरात्र के प्रथम दिन शैलपुत्री की पूजा की गई।







