एंटरटेनमेंट : इंडियन पुलिस फाउंडेशन (आईपीएफ) के वार्षिक दिवस 2025 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आयोजकों को मुंबई को आयोजन स्थल के तौर पर चुनने के लिए बधाई दी। साथ ही यह भी बताया कि कैसे हिंदी फिल्मों ने अक्सर मुंबई पुलिस को गलत तरीके से दिखाया है। फिल्में मुंबई पुलिस को ठीक से दिखाने में नाकाम रही हैं।
एएनआई के अनुसार सीएम ने कार्यक्रम में कहा, ‘कई वर्षों से फिल्मों ने मुंबई पुलिस के साथ अन्याय किया है। हमारी पुलिस हमेशा समय पर घटनास्थल पर पहुंचती है लेकिन हिंदी फिल्मों में पुलिस को हमेशा घटना के घंटों बाद पहुंचते दिखाया जाता है। मेरा मानना है कि सिनेमा ने कभी भी सच्चाई को सही ढंग से नहीं दिखाया है। लेकिन मुझे गर्व है कि हमारी पुलिस ने हमेशा अपने स्टैंटर्ड को बनाए रखा है। सबसे भरोसेमंद पुलिस बल के तौर पर हमारी पुलिस ने देश भर में सम्मान हासिल किया है। आगे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी रोशनी डाली कि कैसे तकनीक ने पुलिसिंग को बदल दिया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि कितने अधिकारी नई तकनीक को समझने और उन्हें अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।
वह कहते हैं, ‘हमने एक साइबर सिक्योरिटी लैब बनाई है। पुलिस के पास टैलेंटेड आफिसर हैं जो नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। चार देशों ने हमसे कॉन्टैक्ट किया है और उनमें से एक ने तो हमसे उनके लिए भी ऐसी ही एक लैब बनाने का अनुरोध किया है।’ सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ड्रग्स और नशीले पदार्थों से पैदा होने वाली चुनौतियों पर बात की। वह कहते हैं, ‘ड्रग्स और नशीले पदार्थ बड़े पैमाने पर युवा पीढ़ी पर बुरा असर डाल रहे हैं। हमने तय किया है कि अगर पुलिस बल में कोई भी व्यक्ति इसमें शामिल पाया जाता है, तो हम सीधे बर्खास्तगी करेंगे। ऐसे व्यक्ति का पुलिस बल में कोई स्थान नहीं है।’ जिस पुलिस कार्यक्रम में सीएम ने यह बातें कहीं, उसका विषय ‘भारत के आर्थिक विकास के लिए पुलिस की पुनर्कल्पना’ था।







