सासाराम। रोहतास जिलाधिकारी के निदेशानुसार अपर समाहर्त्ता की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में कृषि सांख्यिकी से संबंधित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के क्षमतावर्द्धन हेतु जिला स्तरीय आवृतिचर्या प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। आवृतिचर्या प्रशिक्षण में सर्वप्रथम फसल के अनुसार कृषि वर्ष में फसल मौसम की जानकारी दी गई। इसके पश्चात खसरा पंजी, द्रुत जिन्सवार, सामान्य जिन्सवार, भूमि उपयोग विवरणी, नेत्रांकन प्रतिवेदन प्रक्षेत्र मूल्य एवं फसल कटनी के संबंध में प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी मास्टर ट्रेनर सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी राजेश कुमार एवं सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी अक्षय कुमार दूबे के द्वारा दी गई।
चूंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए उपर्युक्त विधि से कृषि उपज का आंकलन वैज्ञानिक विधि से करते हुए कृषि के विकास के लिए नीति निर्माण आवश्यक है। आवृतिचर्या प्रशिक्षण में फसल कटनी की वैज्ञानिक विधि की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस क्रम में अपर समाहर्त्ता ने बताया कि इसका प्रमुख उद्देश्य जिला स्तर पर उत्पादन एवं उत्पादकता का आकलन करना तथा साथ ही फसल बीमा कराए गए कृषकों की क्षतिपूर्ति का आकलन करना होता है।
फसल कटनी आंकड़ों के आधार पर बिहार राज्य फसल सहायता योजनान्तर्गत कृषकों को अनुदान या सहायता इत्यादि निर्धारित की जाती है। इन आंकड़ों का उपयोग सरकार की नितियों को बनाने में विभिन्न विभागों द्वारा किया जाता है। जिला स्तरीय आवृतिचर्या प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी एवं प्रखण्ड सांख्यिकी पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।







