पटना : पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र से शुरू हुई लवली और सुबोध कुमार उर्फ लोहा यादव की प्रेम कहानी एक भयावह हॉरर किलिंग में तब्दील हो गई। दोनों ने 6 दिसंबर को घर से भागकर मंदिर में शादी की और रामकृष्णानगर के किराए के मकान में रहने लगे। लेकिन यह रिश्ता परिवार के लिए असहनीय साबित हुआ। लवली के पिता अरुण यादव और चाचा सुनील कुमार ने लोकेशन का पता चलने पर मकान में पहुंचकर दोनों की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद अपने सहयोगियों के साथ गाड़ियों में बैठाकर उन्हें ले गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस साजिश में महादेव गैंग के लोग भी शामिल थे। दोनों को केवड़ा थाना क्षेत्र के चंदन नगर रेलवे ट्रैक के पास ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी गई। फिर शव रेलवे लाइन पर फेंके गए, ताकि मामला आत्महत्या या हादसा लगे। लेकिन शवों की हालत और वैज्ञानिक जांच ने हत्या का राज खोल दिया। नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रामकृष्णानगर स्थित जिस किराए के कमरे में दोनों रहते थे, वहां जांच की तो खून के धब्बे मिले।
मकान मालकिन राखी देवी ने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही मदद की, बल्कि सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब तक तीन आरोपियों- राहुल कुमार, दीनबंधु कुमार और राखी देवी को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसपी परिचय कुमार ने बताया कि लड़का और लड़की अलग-अलग जाति के हैं। इस वजह से लड़की के घरवालों ने सुनियोजित हत्या की। इस हत्याकांड को लड़की के चाचा और पिता ने महादेव गैंग को शामिल करके अंजाम दिया था। मुख्य साजिशकर्ता पिता अरुण यादव और चाचा सुनील कुमार फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।







