नालंदा: नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र के लखरावां गांव में 2 साल के मासूम बिट्टू कुमार उर्फ लाडो की मौत के बाद परिजनों ने थाना का घेराव कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। मृतक के पिता शशि भूषण कुमार का कहना है कि घटना 16 अगस्त को हुई थी, जब बिट्टू अपने दादा रामचंद्र महतो के साथ किराना सामान लेने जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक, उसी दौरान गांव के ही अखिलेश कुमार ने साइकिल से जानबूझकर बच्चे को टक्कर मार दी। गुस्साए दादा ने अखिलेश को थप्पड़ मारा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। अखिलेश के सहयोगियों ने दादा-पोते पर हमला किया और बच्चे को जमीन पर पटक दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान बिट्टू कुमार की 25 दिन बाद बुधवार को मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजन बच्चें का शव लेकर दीपनगर थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दादा रामचंद्र महतो की मानसिक स्थिति भी इस घटना से खराब हो गई है।
लखरावां गांव में पिछले एक महीने से तनाव का माहौल बना हुआ है। 24 अगस्त को गांव के ही विनोद प्रसाद के पुत्र सोनू कुमार की फांसी से मौत के बाद भी गांव में झगड़ा और हंगामा हुआ था। इस विवाद में दो लोग जेल गए थे जबकि कई बेकसूर हैं। इस मामले में दादा-पोते पर हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस में आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दीपनगर थाना प्रभारी शशि कुमार ने बताया कि पहले साइकिल से धक्का मारने का आवेदन भी दिया गया था। बच्चें की मौत के बाद पुलिस पोस्टमार्टम कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन परिजन फिलहाल पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे हैं। पुलिस मामले को समझाने-बुझाने में जुटी है।







