
कटिहार: बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले बाढ़ की त्रासदी भी सियासी रंग लेने लगी है। कटिहार जिले के बरारी, मनिहारी, कुर्सेला, अमदाबाद और प्राणपुर प्रखंड के कई इलाके अब भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। हजारों लोग सुरक्षित ठिकानों पर शरण लिए हुए हैं और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस आपदा के बीच राजनीतिक दलों के नेताओं का राहत अभियान स्टंट में बदलता नजर आ रहा है।
कुर्सेला प्रखंड में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव अलग ही अंदाज में दिखाई दिए। कभी हेलिकॉप्टर से पहुंचने वाले पप्पू यादव इस बार मोटरसाइकिल पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे और लोगों के बीच नोटों की बारिश करने लगे। यह नजारा कैमरे में कैद होते ही चर्चा का विषय बन गया। वहीं बरारी में जदयू विधायक विजय सिंह खुद नाव खेते हुए बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचे। उन्होंने सरकार की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की और यह संदेश देने की कोशिश की कि सब कुछ ठीक-ठाक है।
हालांकि, बाढ़ में डूबे गांवों की तस्वीरें हकीकत का अलग ही हाल बयान कर रही थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि यह चुनावी साल है, ऐसे में जनता ही सबसे बड़ा वोट बैंक है। यही वजह है कि नेता राहत के नाम पर अलग-अलग अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की होड़ में लगे हैं। कोई मोटरसाइकिल की सवारी कर संवेदना जता रहा है तो कोई नाव चला कर सरकार की वाहवाही लूट रहा है।






