
वैशाली: स्वतंत्रता दिवस पर वैशाली जिले के बेलसर प्रखंड क्षेत्र के उच्च विद्यालय चकगुलामुद्दीन में हुए कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य जुल्फेकार अली खान पर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने 15 अगस्त की सुबह निर्धारित समय से पहले झंडोतोलन कर दिया और परंपरा के विपरीत जलेबी के स्थान पर बिस्कुट और खुरमा मिठाई का वितरण किया। इससे नाराज लोगों ने विद्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। आमतौर पर हर साल विद्यालय प्रांगण में सुबह नौ बजे झंडोतोलन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, लेकिन इस बार प्रधानाचार्य ने अपने स्तर पर समय बदलते हुए सुबह 7:30 बजे ही झंडा फहरा दिया।
इसकी जानकारी बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों को नहीं दी गई। नतीजन कार्यक्रम में अधिकांश लोग शामिल नहीं हो पाए और समारोह अधूरा रह गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम के बाद जलेबी प्रसाद के रूप में बांटी जाती रही है, लेकिन इस बार प्रभारी प्रधानाचार्य ने परंपरा बदलते हुए बिस्कुट और खुरमा का वितरण करा दिया। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश फैल गया और उन्होंने विद्यालय परिसर में ही जमकर विरोध-प्रदर्शन किया।
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद प्रखंड प्रशासन ने प्रभारी प्रधानाचार्य से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। वीडियो के माध्यम से जारी आदेश पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि बिना सूचना समय और स्थान बदलकर झंडोतोलन करना और परंपरागत प्रसाद में बदलाव करना गंभीर लापरवाही है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि जब तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता, प्रधानाचार्य का वेतन रोका जाएगा। साथ ही निर्धारित समय सीमा में उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।






