गया: बिहार के गयाजी जिले में दो दिन पूर्व एक दरोगा ने फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। वहीं बीती रात एक दरोगा ने दोनों हाथ का नस काट कर आत्महत्या का प्रयास किया है। यह मामला सामने आते ही पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया। हालांकि, समय रहते दरोगा की जान बचा लिया गया। फिलहाल अतरी जान के प्रभारी संजय कुमार की इलाज अस्पताल में चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक अतरी थाना के प्रभारी संजय कुमार बीती रात अपने आवास पर आत्महत्या करने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने अपने दोनों हाथों का नस काट लिया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बीती रात रविवार को डीएसपी ने दरोगा संजय कुमार को मोबाइल पर फोन किए थे।
लेकिन दरोगा संजय कुमार ने फोन रिसीव नहीं किया। उसके बाद अतरी थाना की पुलिस को सूचना दी गई कि दरोगा संजय कुमार फोन नहीं उठा रहे हैं। उक्त सूचना के बाद अतरी थाना में तैनात अन्य पुलिस ने उनके नंबर पर फोन करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। उसके बाद अतरी थाना की पुलिस थानाध्यक्ष संजय कुमार के आवास पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। लोगों के छत पर चढ़कर घर में प्रवेश किया तो देख लोग हैरान रह गए। पूरे कमरे में खून ही खून दिख रहा था। वहीं,अतरी थानाध्यक्ष संजय कुमार के दोनों हाथ का नस कटा हुआ था और वह मुर्छित पड़े हुए थे।
वारदात स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उच्च अधिकारियों की इसकी सूचना दी। उसके बाद पुलिस कर्मियों ने पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां पूरी रात उनकी चिकित्सकों ने इलाज किया। उस दौरान पुलिस पदाधिकारी ने उनके परिवार को सूचना दी गई। अतरी थानाध्यक्ष संजय कुमार के परिजनों को उक्त घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही सोमवार की सुबह परिजन पहुंच और बेहतर इलाज के लिए अपने साथ अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। जहां जख्मी दरोगा संजय कुमार का इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस घटना की कारण जाने में जुटे हैं। फिलहाल घटना के कारणों का पता नहीं चला है।







