पटना: एक अगस्त को चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित कर दिया है। बताया जा रहा है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य के बाद करीब 65 लाख के वोटरों का नाम हटाए गए। जिनके नाम नए मतदाता सूची का प्रारूप में नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग आज यानी दो अगस्त से हर जिले में विशेष कैंप लगवा रहा है। अगर किसी वोटर का नाम छूट गया है या मृत वोटर का नाम जुड़ गया है तो दावा / आपत्ति के जरिए उसे सुधारने का समय है। चुनाव आयोग ने कहा कि अगर किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची प्रारूप में नहीं मिल रहा तो वह अपने आसपास लग रहे कैम्प में जाकर दावा / आपत्ति कर सकते हैं। मतदाता प्रारूप में आपका नाम है या नहीं, यह देखने के लिए आप वेब ब्राउज़र में यह कॉपी पेस्ट करें- https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04
चुनाव आयोग के अनुसार, आप अपने आसपास प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय या शहरी निकाय कार्यालय (जैसे- कार्यपालक पदाधिकारी का कार्यालय, नगर पंचायत, नगर परिषद् एवं नगर निगम अंचल कार्यालय) का पता लगाकर रख सकते हैं। यहीं शनिवार सुबह से निर्वाचन आयोग का कैम्प लगेगा। यह कैम्प सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यरत रहेंगे। दो अगस्त से एक सितंबर तक यह कैम्प बगैर किसी छुट्टी के चलेंगे, मतलब रविवार को भी खुलेंगे और किसी पर्व-त्योहार के नाम पर भी बंद नहीं होंगे। जिनका वोटर लिस्ट में नाम गायब दिखे, वह यहां दावा या आपत्ति कर सकते हैं। जिले में कहीं के वोटर किसी भी ऐसे कैम्प में दावा या आपत्ति कर सकते हैं। इसके अलावा, जो अबतक वोटर नहीं बने थे या जो अब बालिग हो रहे हैं, वह मतदाता सूची में शामिल होने के लिए फॉर्म छह भी यहीं आकर भर सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के सभी 38 जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राजनीतिक दलों को प्रारूप मतदाता सूची की डिजिटल और भौतिक प्रतियां प्रदान की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), बिहार तथा राज्य के सभी 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) किसी भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल से एक सितंबर 2025 तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित करेंगे। मतदाता पुनरीक्षण कार्य के बाद जो वोटर लिस्ट प्रकाशित किए गए हैं, उनमें सभी जिलों के हजारों लोगों के नाम कट गए हैं।
इनमें पश्चिम चम्पारण से 191376, पूर्वी चम्पारण से 316793, शिवहर से 28166, सीतामढ़ी से 244962, मधुबनी से 352545, सुपौल से 128207, अररिया से 158072, किशनगंज से 145668, पूर्णिया से 273920, कटिहार से 184254, मधेपुरा से 98076, सहरसा से 131596, दरभंगा से 203315, मुजफ्फरपुर से 282845, गोपालगंज से 310363, सीवान से 221711, सारण से 273223, वैशाली से 225953, समस्तीपुर से 283955, बेगूसराय से 167756, खगड़िया से 79551, भागलपुर से 244612, बांका से 117346, मुंगेर से 74916, लखीसराय से 48824, शेखपुरा से 26256, नालंदा से 138505, पटना से 395500, भोजपुर से 190832, बक्सर से 87645, कैमूर (भभुआ) से 73940, रोहतास से 156148, अरवल से 30180, जहानाबाद से 53089, औरंगाबाद से 159980, गया से 245663, नवादा से 126450 और जमुई से 91882 मतदाताओं का नाम सूची प्रारूप में नहीं है।







