सासाराम: रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के बेलवइया गांव में गुरुवार को भूमि विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना के बाद पुलिस-प्रशासन की कथित दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा और भाकपा माले ने सासाराम में जन आक्रोश मार्च निकाला। जन आक्रोश मार्च की अगुवाई भाकपा माले के सचिव अशोक बैठा ने की। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने कुशवाहा भवन से धर्मशाला मोड़, पोस्ट ऑफिस चौराहा, करगहर मोड़, कचहरी होते हुए जिला समाहरणालय तक मार्च किया और वहां पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गिरफ्तार निर्दोष ग्रामीणों को तत्काल रिहा करने की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अशोक बैठा ने कहा कि प्रशासन भूमि विवाद में भूधारी पक्ष का झूठा समर्थन कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भूधारी के पक्ष में हाईकोर्ट का कोई फैसला नहीं है, बल्कि अपर समाहर्ता ने सामंतवादी ताकतों के दबाव में निर्णय दिया है, जिसकी जानकारी पर्चाधारियों को नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कानूनन प्रक्रिया का पालन किए बिना पर्चाधारियों को बेदखल करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने पुरानी जीटी रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया, जिससे सासाराम शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बौलिया मोड़ से लेकर फजलगंज और लालगंज नहर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
स्कूली बच्चों, अधिकारियों, वाहन चालकों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही सदर एसडीएम आशुतोष रंजन और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वन दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे। भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए। अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करते रहे, मगर वे अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। करीब तीन घंटे बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी। हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस-प्रशासन सतर्क नजर आया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।







