
गया जी : कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बीते वर्ष नाइट ड्यूटी पर तैनात एक महिला पीजी डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पीड़िता के माता-पिता मंगलवार को बिहार के गया पहुंचे, जहां उन्होंने बेटी की आत्मा की शांति के लिए विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गु नदी के देवघाट तट पर पिंडदान किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि घटना को एक वर्ष से अधिक बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि आरोपी को जमानत तक मिल गई। यह न सिर्फ हमारी बेटी के लिए, बल्कि देश की उन तमाम बेटियों के लिए खतरा है, जो सेवा-भावना से डॉक्टर बन रही हैं। पीड़ित पिता ने बिहार सरकार को न्याय दिलाने की अपील करते हुए एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा है। साथ ही, उन्होंने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर अब भी चुप्पी साधी गई, तो यह भविष्य की पीढ़ी के लिए घातक होगा। यह वारदात 8-9 अगस्त 2024 की रात कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की है।
31 वर्षीय महिला डॉक्टर नाइट ड्यूटी के बाद अस्पताल के सेमिनार हॉल में आराम कर रही थीं, तभी आरोपी संजय रॉय पीछे के रास्ते से घुसा और कथित रूप से बलात्कार व हत्या की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। इस दौरान 42 दिनों तक जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी और देशभर में चिकित्सक समुदाय में आक्रोश देखने को मिला था। लेकिन अब एक साल गुजरने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। गया में पिंडदान के दौरान मृतका की मां की आंखें बार-बार भर आती थीं।






