सासाराम:रोहतास जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक किया गया जिसमें जिले के स्वास्थ्य संस्थानों के उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक, प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक आदि ने भाग लिया। इस दौरान जिले में एनक्वास से संबंधित संस्थान को प्रमाणिकरण होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दावथ, काराकाट तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रोहतास के हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर रसुलपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक को धन्यवाद दिया गया तथा अन्य संस्थानों जिसमें नोखा, तिलौथू एवं सदर अस्पताल सासाराम को भी प्रमाणिकरण करने पर बल दिया गया। वही संस्थागत प्रसव में जिले की रैंकिंग में गिरावट को लेकर नाराजगी व्यक्त किया इसको लेकर सिविल सर्जन को कड़े निर्देश दिया गई। साथ ही अगले महीने ने संस्थागत प्रसव में तीन गुणा की वृद्धि नहीं हुई तो सिविल सर्जन वेतनादि के भुगतान पर रोक लगाने की भी बात कही गई। संस्थागत प्रसव को लेकर काराकाट, करगहर, नासरीगंज, नोखा एवं अनुमण्डल अस्पताल डिहरी के साथ-साथ सभी प्रखण्डों को निर्देशित किया गया कि एक ठोस कार्य योजना बनाते हुए संस्थागत प्रसव में वृद्धि कराना सुनिश्चित करें। वृद्धि नहीं होने पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी / उपाधीक्षक पर कार्रवाई करने की भी बात कही गई। इसके लिए प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखण्ड सामुदायिक उत्प्रेरक के उपर जवाबदेही तय की जायेगी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 832 आशा कार्यकर्त्ता का चयन को लेकर विकास आयुक्त के द्वारा कहा गया कि जिला से ही आमसभा की तिथि निर्धारित करते हुए आशा के चयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाय। 15 दिनों के अंदर आशा चयन की प्रक्रिया पूर्ण की जानी है। वही गैर संचारी रोग कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक सभी मरीजों का स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिया गया। साथ हीं इसका साप्ताहिक समीक्षा करते हुए लक्ष्य की प्राप्ति करने का निदेश दिया गया।







