
बिहार: निर्वाचन आयोग की तरफ से बिहार में कराई जा रही विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) के दौरान ये बात सामने आई है कि राज्य के 5.76 लाख से अधिक मतदाताओं ने खुद को अन्य जगहों पर भी वोटर की तौर पर पंजीकृत करा रखा है। आयोग के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि 17.37 लाख से अधिक मतदाता संभवतः स्थायी रूप से दूसरी जगहों पर जाकर बस गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण के दौरान लगभग 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 35.69 लाख से अधिक अपने पते पर नहीं पाए गए।
आयोग के मुताबिक, इनमें से 12.55 लाख से अधिक मतदाताओं की संभवतः मृत्यु हो चुकी है। निर्वाचन आयोग का कहना है कि आने वाले दिनों में इन आंकड़ों में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आयोग की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, राज्य के कुल 7.89 करोड़ में 89.7 फीसदी यानी 7,08,18,162 अब तक अपना गणना फॉर्म जमा कर चुके हैं। अभी फॉर्म जमा करने के लिए आठ दिन का समय बचा है और केवल 5.8 फीसदी यानी 45,82,247 मतदाताओं के गणना फॉर्म नहीं मिले हैं। ताजा आंकड़े बताते हैं कि 2.2 फीसदी यानी 17,37,336 मतदाता दूसरी जगहों पर चले गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में धांधली और चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें दावा किया गया था कि सरकारी अधिकारी मतदाताओं की जानकारी के बिना मतदाता फॉर्म भर रहे थे और उन पर हस्ताक्षर कर रहे थे। राहुल ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग पूरी तरह से भाजपा की चुनावी चोरी शाखा में बदल गया है। राहुल ने लिखा, बिहार में चुनाव आयोग को एसआईआर के नाम पर वोट चुराते हुए रंगेहाथों पकड़ा गया। उनका काम सिर्फ चोरी है, जिसका नाम एसआईआर है, जो उन्हें उजागर करेगा, उसके खिलाफ एफआईआर की जाएगी। राहुल ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग पूरी तरह से भाजपा की चुनावी चोरी शाखा में बदल गया है। राहुल ने लिखा, बिहार में चुनाव आयोग को एसआईआर के नाम पर वोट चुराते हुए रंगेहाथों पकड़ा गया। उनका काम सिर्फ चोरी है, जिसका नाम एसआईआर है, जो उन्हें उजागर करेगा, उसके खिलाफ एफआईआर की जाएगी।






