
पटना: सावन मास की पहले सोमवार पर पूरे बिहार में शिवभक्ति का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। बाबा भोलेनाथ के मंदिरों में भक्तों की विशाल भीड़ उमड़ पड़ी, हर तरफ हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से माहौल शिवमय हो गया। अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ धाम, मुजफ्फरपुर का बाबा गरीबनाथ मंदिर, समस्तीपुर का थानेश्वर मंदिर और सहरसा के मटेश्वर धाम सहित राज्यभर के प्रमुख शिवालयों में अलसुबह से ही भक्तों की कतारें लग गईं।
कांवड़ियों ने पवित्र नदियों से जल भरकर बाबा पर जलाभिषेक किया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की। पूर्वी चंपारण के अरेराज स्थित बाबा सोमेश्वर नाथ धाम को बिहार का काशी कहा जाता है। यहां सावन के पहले सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर प्रबंधन ने सुबह तीन बजे कपाट खोल दिए और प्रथम पूजा के साथ ही जलाभिषेक का क्रम शुरू हो गया। हर तरफ हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों की गूंज रही। श्रद्धालु बेलवा घाट (बागमती नदी) से जल भरकर करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर बाबा पर जल चढ़ाने पहुंचे। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। डीएसपी रंजन कुमार और एसडीओ अरुण कुमार की अगुवाई में सर्किल इंस्पेक्टर पूर्णकाम सामर्थ और थानाध्यक्ष विभा कुमारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
पूरे मार्ग में मेडिकल कैंप और विश्रामस्थलों की व्यवस्था की गई थी, जिससे कांवड़ यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हो सकी। सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल स्थित मटेश्वर धाम, जिसे मिनी बाबाधाम कहा जाता है, वहां भी श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जुटी। रविवार देर रात से ही भक्त मंदिर में जुटने लगे थे। अनुमंडल पदाधिकारी आलोक राय और एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर स्वयं विभिन्न स्थानों पर घूम-घूमकर भीड़ का निरीक्षण कर रहे थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवड़िया संघ के वालंटियर भी तैनात रहे और भीड़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभाई। शांतिपूर्ण ढंग से जलाभिषेक संपन्न हुआ, जिससे श्रावणी मेला पूरी तरह सफल रहा।






