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वडोदरा में महिसागर नदी पर बने पुल का हिस्सा गिरा, दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की मौत

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A part of the bridge built on the Mahisagar river in Vadodara collapsed, nine people died in the tragic accident

नई दिल्ली: गुजरात के वडोदरा जिले के पादरा तालुका में आणंद और पादरा को जोड़ने वाले एक पुल का हिस्सा ढह गया। पुल के टूटते ही कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए। बताया जा रहा है कि इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि नौ लोगों को बचा लिया गया है।  इस घटना पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने हादसे के शिकार हुए लोगों के लिए मुआवजे का भी एलान किया है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह आणंद और पादरा को जोड़ने वाले पुल का एक हिस्सा महिसागर नदी में गिर गया।  शुरुआती जानकारी के अनुसार, दो ट्रक, एक बोलेरो एसयूवी और एक पिकअप वैन सहित चार वाहन पुल पार कर रहे थे, तभी अचानक यह ढह गया और कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहनों के नदी में गिरने से पहले तेज आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और वडोदरा जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।

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स्थानीय लोगों ने भी घायलों को मलबे से निकालने में मदद की। अब तक तीन लोगों को बचाया गया और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया गया है।गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने पुल हादसे पर दुख जताया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ने वाले पुल पर हुए दुखद हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है। नौ अन्य को बचा लिया गया है। मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति को घटनास्थल पर भेजकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। वहीं वडोदरा पुल हादसे पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दुख जताया है। उन्होंने कहा, गुजरात में हुआ ये हादसा बेहद दुखद और पीड़ादायक है।

लेकिन इस समय एक अहम सवाल भी पूछना जरूरी है। पिछले 30 वर्षों से गुजरात की सत्ता में बैठी BJP क्या ये बताएगी कि बार-बार ऐसे घटिया और जानलेवा पुल गुजरात में कैसे बन रहे हैं, जो भरभराकर गिर जाते हैं? एक स्थानीय निवासी ने कहा, ये पुल न केवल ट्रैफिक दुर्घटनाओं के हिसाब से खतरनाक है, बल्कि यहां आत्महत्या की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसकी स्थिति के बारे में बार-बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।बता दें कि यह पुल 1985 में बनाया गया था। गुजरात सरकार ने हाल ही में 212 करोड़ रुपए की लागत से एक नए पुल को बनाने की मंजूरी दी थी। फिलहाल मुख्यमंत्री ने तकनीकी विशेषज्ञों को घटनास्थल पर भेजकर जांच का आदेश दिया है।




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