गया: बिहार के गयाजी जिले में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां गया पुलिस ने घर में घुसकर लूटपाट करने के आरोप में उत्पाद विभाग के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को गिरफ्तार किया है। 24 जून को बोधगया थाना क्षेत्र के टीका बिघा गांव में चंदन कुमार के घर पर चार अज्ञात बदमाशों ने जबरदस्ती घुसकर बच्चों के साथ मारपीट की और लगभग दो लाख रुपये नकद सहित सोने के गहने लूटकर फरार हो गए थे। बोधगया के एसडीपीओ सौरभ जायसवाल ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गया उत्पाद विभाग के ASI अंजनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे बोधगया थाने में गहन पूछताछ की जा रही है।
घटना के बाद गया पुलिस आरोपियों की पहचान में जुट गई थी। इसी क्रम में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। इसी दौरान पुलिस की नजर उत्पाद विभाग के ASI अंजनी कुमार पर पड़ी। पुलिस ने उनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार ASI से थाने में अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। इस संबंध में एसडीपीओ सौरभ जायसवाल ने बताया कि पीड़ित द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्पाद विभाग का ASI अंजनी कुमार बाहरी लोगों को अपने गैंग में शामिल करता था और फिर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था।
गया पुलिस आरोपी ASI के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। 24 जून को बोधगया थाना क्षेत्र के टीका बिगहा में चार बदमाशों ने एक घर में घुसकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। वारदात के बाद पीड़ित चंदन कुमार ने बोधगया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि घटना के समय वह अपनी पत्नी के साथ गया शहर में सामान खरीदने गए थे। घर पर उनके बच्चे अकेले थे। चंदन जब शाम को करीब 7 बजे घर लौटे तो बच्चे डरे हुए मिले। पूछने पर बच्चों ने बताया कि दो बाइक पर सवार चार लोग घर आए थे। उन्होंने कहा कि “तुम्हारे पापा फोन नहीं उठा रहे हैं। पापा का कर्ज चुकाना है, इसलिए सामान लेने आए हैं।”
इसके बाद एक बदमाश ने दरवाजे की ग्रिल पीटना शुरू कर दी। दरवाजा अंदर से बंद था। डर के कारण बच्चों ने दरवाजा खोल दिया। दो बदमाश घर में घुस गए और दो बाहर खड़े रहे। अंदर घुसे बदमाशों ने सामान खोजना शुरू किया। चंदन के कमरे का ताला बंद था। बच्चों ने जब चाबी देने से मना किया तो बदमाशों ने उन्हें पीटा। डरकर बच्चों ने चाबी दे दी। बदमाशों ने अलमारी से एलआईसी लोन जमा करने के लिए रखे गए दो लाख रुपये और एक सोने का हार निकाल लिया। इसके बाद चारों फरार हो गए। चंदन ने बताया कि चारों की उम्र 25 से 30 साल के बीच रही होगी। एक ने नीली हाफ टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर कुछ लिखा था, और उसके चेहरे पर दाढ़ी थी। दूसरा गुलाबी शर्ट में था। तीसरे ने नीली टी-शर्ट और हल्के रंग का चश्मा लगाया था। चौथे ने नींबू रंग की हाफ शर्ट और जींस पहन रखी थी। इस मामले में कांड संख्या 468/2025 दर्ज की गई थी।







