₹6 lakh crore shock! Stock market bleeds, Sensex falls 800 points

नयी दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती तेजी के बाद अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स में 800.52 अंक यानी 0.97% की गिरावट दर्ज हुई और यह 81,506.85 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 240.10 अंक यानी 0.95% नीचे जाकर 25,049.80 पर आ गया। इस गिरावट के कारण BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 5.7 लाख करोड़ रुपये घटकर 452.69 लाख करोड़ रुपये रह गया।

सुबह बाजार में तेजी के साथ 82,335.94 पर खुलने के बाद सेंसेक्स 82,516.27 तक पहुंचा, लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह बिकवाली ऐसे समय में आई जब एक दिन पहले ही बाजार ने लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था। शुक्रवार को एशियाई बाजारों की तेजी और ग्रीनलैंड से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी से कुछ राहत मिली थी, लेकिन यह लंबे समय तक टिक नहीं पाई।

GNSU Admission Open 2026

KATHA CONCERT KOLKATA

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार पर सबसे बड़ा दबाव रही। गुरुवार को FIIs ने 2,550 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो जनवरी 2026 में लगातार 13वीं बिकवाली थी। केवल 2 जनवरी को ही FIIs खरीदार बने थे। साल 2025 में विदेशी बिकवाली और घरेलू खरीदारों के बीच खींचतान देखने को मिली थी, और यह प्रवृत्ति 2026 में भी जारी है।

इसके साथ ही रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.77 तक गिर गया, जो पिछले निचले स्तर 91.7425 से और नीचे है। इस गिरावट का कारण कॉर्पोरेट्स और आयातकों की बढ़ती डॉलर मांग मानी जा रही है। डॉलर की मांग और कैपिटल आउटफ्लो की चिंताओं ने निवेशकों का भरोसा कम कर दिया और स्थानीय शेयर बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ाया।

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने मिलकर बाजार की तेज़ी को दबा दिया। निवेशकों के लिए सावधानी और मुनाफावसूली का दौर फिलहाल जारी रहेगा, जबकि वैश्विक संकेतक और डॉलर की स्थिति बाजार की दिशा तय करेंगे।