5 arms smugglers arrested in Mumbai, Rohit Pawar's DGCA questions arrest

मुंबई: मुंबई में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी बिना लाइसेंस के अवैध हथियार और कारतूस बेचने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले के तह तक जाने की कोशिश कर रही है। यह मामला पायधोनी इलाके का है, जहां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और इन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ लोग नारायण धुरु स्ट्रीट के एक होटल में अवैध हथियारों की डील करने आने वाले हैं। इस जानकारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने तुरंत टीम बनाकर वहां निगरानी शुरू की और फिर मौके पर छापा मार दिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद पांच लोगों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से तीन पिस्तौल, तीन मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस बरामद हुए। जब पुलिस ने उनसे हथियारों के लाइसेंस के बारे में पूछा तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके।

पूछताछ में उन्होंने यह भी माना कि वे इन हथियारों को बेचने के लिए लाए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुरेंद्र अमरलालजी मीणा (25), रोहित घनश्याम मीणा (24), कार्तिक बिजेंद्र पारचा (19), दीपक कुमार चितरमल बिल (26) और रोहण/रोनुरोनक पन्नालाल मेरोथा (25) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उनकी उम्र 19 से 26 साल के बीच है। इस पूरे मामले में पायधोनी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा तीन और 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा अन्य संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों का किसी बड़े गैंग से कोई संबंध तो नहीं है। खासकर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इनका कुख्यात बिश्नोई गैंग से कोई लिंक है या नहीं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।

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शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है। रोहित पवार ने सोमवार को दावा किया कि सीबीआ द्वारा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एयरवर्थनेस विभाग के उप निदेशक की गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज होने से कई भ्रष्ट अधिकारियों की मौजूदगी का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किया गया व्यक्ति तो बस एक ‘छोटी मछली’ है, इस संगठन में इससे भी कहीं बड़ी ‘मछलियां’ मौजूद हैं। रोहित पवार ने एक्स पोस्ट में कहा, ‘सीबीआई ने डीजीसीए के एयरवर्थनेस डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और एफआईआर भी दर्ज की गई है। हम बार-बार यह बात उठाते रहे हैं कि डीजीसीए में कई भ्रष्ट अधिकारी मौजूद हैं, और इस घटना ने हमारी बात को सच साबित कर दिया है।

जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, वह तो बस एक ‘छोटी मछली’ है। इस संगठन में तो इससे भी कहीं ज्यादा बड़ी मछलियां मौजूद हैं।’ रोहित पवार ने आगे कहा, ‘अगर डीजीसीए में काम रिश्वत देकर करवाया जा रहा है तो कोई भी आसानी से यह अंदाजा लगा सकता है कि रिश्वत देने और बिचौलिए की भूमिका निभाने में माहिर वीके सिंह ने दादा की दुर्घटना से जुड़े दस्तावेजों को किस तरह से ‘साफ’ (सबूत मिटाने) किया होगा। एक तरफ, दादा की दुर्घटना की जांच सीबीआई को सौंपने की गुजारिश किए हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन सीबीआई ने अभी तक इस मामले को अपने हाथ में नहीं लिया है। वहीं दूसरी तरफ सीबीआई ने इस मामले में अपनी तरफ से कार्रवाई कर रही है, जो कि काफी अहम बात है।