पेरिस: फ्रांस में 45 प्रतिशत लोगों को पिछले एक साल के दौरान अपने व्यक्तिगत डेटा के लीक होने से जुड़ी सूचना मिली है। फ्रांसीसी प्रसारक बीएफएमटीवी ने सरकारी साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म ‘साइबरमैलविलेंस’ के एक अध्ययन के हवाले से यह जानकारी दी।
अध्ययन के अनुसार, व्यक्तिगत डेटा लीक की सूचना पाने वाले लोगों का अनुपात 2024-25 में 15 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत हुआ और अब 45 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों ने आने वाले महीनों में भी इस रुझान के जारी रहने की आशंका जताई है।
प्लेटफॉर्म के प्रमुख जेरोम नोटिन के अनुसार, अगस्त में फ्रांस में डेटा धोखाधड़ी से संबंधित 50 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जो रिकॉर्ड स्तर है। रिपोर्ट में फिशिंग को फ्रांस में प्रमुख साइबर खतरा बताया गया है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि साइबर धोखाधड़ी के प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग कार्रवाई नहीं करते। करीब 61 प्रतिशत लोगों ने फिशिंग का सामना करने के बाद कोई कदम नहीं उठाया, जबकि 43 प्रतिशत ने बैंक कर्मचारी बनकर की गई धोखाधड़ी की कोशिशों को नजरअंदाज किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 18 से 34 वर्ष के युवा साइबर उल्लंघनों के मामलों में सबसे अधिक निष्क्रिय पाए गए। वहीं, केवल 55 प्रतिशत फ्रांसीसी नागरिक खुद को इंटरनेट से जुड़े जोखिमों के प्रति पर्याप्त रूप से जागरूक मानते हैं।







