फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने से आहत एक शिक्षामित्र ने आत्महत्या कर ली, जिससे प्रशासनिक कार्यों के दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पहचान 45 वर्षीय अखिलेश कुमार सविता के रूप में हुई है, जो प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र होने के साथ-साथ बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे।
शनिवार को वह रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर विद्यालय पहुंचे थे। विद्यालय बंद होने के बाद भी वह वहीं रुके रहे। शाम करीब चार बजे उन्होंने अपने बेटे से फोन पर बात की, लेकिन इसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हुआ। जब एक अन्य शिक्षामित्र उनसे मिलने पहुंचा, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा खोलने पर अखिलेश पंखे से फंदे के सहारे लटके मिले। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
फॉरेंसिक जांच के दौरान उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की आगामी शादी का उल्लेख करते हुए लिखा कि शादी की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही थी। उन्होंने एसडीएम और बीईओ कार्यालय के कई चक्कर लगाने का जिक्र करते हुए मानसिक दबाव और निराशा की बात लिखी।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रशासन ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता, पत्नी को नौकरी और बेटे के लिए भविष्य में रोजगार देने का भरोसा दिया है।
गौरतलब है कि जिले में एसआईआर-2026 से जुड़ी ड्यूटी के दबाव में यह दूसरी आत्महत्या का मामला है। इससे पहले एक लेखपाल ने भी इसी तरह जान दी थी। इस घटना के बाद सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार और मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी को लेकर बहस तेज हो गई है।







