वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने काशी दौरे के दूसरे दिन शनिवार को कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा सरकार के एजेंडे में नहीं थी और न ही गरीब व सामान्य बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती थी। हालांकि उस समय नकल की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने यहां कंपोजिट विद्यालय शिवपुर से ‘स्कूल चलो अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया। प्रदेश में 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है और इसी क्रम में 1 से 15 अप्रैल तक अभियान का पहला चरण चलाया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होने कहा कि शिक्षा केवल प्रमाणपत्र या डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संस्कार, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन काया कल्प’ के तहत प्रदेश के एक लाख 36 हजार से अधिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। वहीं ‘ऑपरेशन निपुण’ के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से अधिक थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने बताया कि पहले स्कूलों में शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जिसे अब दूर किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और ‘शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियां’ पुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें और कॉपियां वितरित कीं तथा निपुण विद्यालयों और विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। कार्यक्रम में मंत्री राकेश सचान, संदीप सिंह, रवीन्द्र जायसवाल, अनिल राजभर, मेयर अशोक तिवारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सीएम योगी ने काल भैरव और बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी दौरे के दूसरे दिन शनिवार को बाबा विश्वनाथ और काल भैरव के दर्शन-पूजन किए। उन्होंने यहां से निकलकर आसपास के दुकानदारों और बच्चों से संवाद किया तथा उनका कुशलक्षेम पूछा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया। मुख्यमंत्री सबसे पहले बाबा काल भैरव के दरबार पहुंचे। उन्होंने वहां माथा टेका और आरती उतारकर अपनी श्रद्धा अर्पित की। दर्शन के बाद निकलते समय योगी ने आसपास के दुकानदारों और बच्चों से बातचीत की। सभी ने प्रणाम कर अपने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार को देखकर लोग प्रसन्न नजर आए। इसके बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने लोक मंगल की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया और आरती की। प्रस्थान करते समय मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिवादन किया, जिस पर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक नीलकंठ तिवारी, सुशील सिंह, अवधेश सिंह आदि ने भी दर्शन-पूजन किया।







