World's largest Shivalinga gets grand welcome in Gopalganj, Minister Ashok Chaudhary performs puja

गोपालगंज: स्थापना से पूर्व विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग शनिवार को बिहार की सीमा में प्रवेश कर गया। तमिलनाडु से लाया जा रहा यह विशालकाय शिवलिंग जैसे ही उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा स्थित बलथरी चेकपोस्ट पहुंचा, ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवभक्तों ने पुष्प वर्षा और जयघोष के साथ इसका भव्य स्वागत किया। यह शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण के कैथवलिया में निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े ‘विराट रामायण मंदिर’ में स्थापित किया जाना है। लंबी यात्रा के बाद गोपालगंज पहुंचा यह शिवलिंग फिलहाल बलथरी बॉर्डर पर ठहरा, जहां धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव सायन कुणाल विशेष रूप से गोपालगंज पहुंचे। मंत्री अशोक चौधरी ने सबसे पहले प्रसिद्ध शक्तिपीठ थावे दुर्गा मंदिर में दर्शन कर मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे बलथरी बॉर्डर पहुंचे, जहां उन्होंने 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग का विधिवत पूजन और आरती की। यह शिवलिंग केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का भी अद्वितीय उदाहरण है। इसकी ऊंचाई 33 फीट है और वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है। इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में एक ही ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर तैयार किया गया है, जिसमें करीब दस वर्षों का समय लगा।

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विशाल शिवलिंग को 96 चक्कों वाले विशेष ट्रेलर ट्रक के माध्यम से लगभग 2500 किलोमीटर की दूरी तय कर बिहार लाया गया है। इसकी विशेषता यह भी है कि मुख्य शिवलिंग पर 1008 छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं, जो इसे और भी विशिष्ट बनाते हैं। पूजन के दौरान मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह क्षण बिहार के लिए गर्व का है। उन्होंने बताया कि सचिव सायन कुणाल के मार्गदर्शन में बन रहा विराट रामायण मंदिर न केवल बिहार बल्कि पूरे विश्व के मानचित्र पर एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 17 जनवरी को शिवलिंग की मंदिर परिसर में स्थापना की जाएगी, जिसके बाद प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू होगी। बलथरी बॉर्डर पर आयोजित पूजन कार्यक्रम में हजारों शिवभक्त मौजूद रहे। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पूरे मार्ग और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।