पटना: उपमुख्यमंत्री चिराग पासवान को शुक्रवार को गृह विभाग दिए जाने को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा के बढ़ते प्रभाव के प्रमाण के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार ने 21 साल के दौरान, चाहे वो महागठबंधन के साथ सरकार हो या NDA के साथ, कभी भी गृह विभाग अपने अलावा किसी और को नहीं दिया। इसी के दम पर उन्होंने बिहार के लॉ एंड ऑर्डर को अपने 2005-10 के कार्यकाल में फर्श से अर्श पर ला दिया था। माना जा रहा है कि नीतीश ने भाजपा की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए सम्राट को गृह विभाग आवंटित किया, जिनकी उन्होंने तारापुर में चुनाव प्रचार के दौरान उनकी कार्यशैली और मुद्दों की समझ की प्रशंसा की थी।
चूंकि भाजपा ने राजद और कांग्रेस को सत्ता में आने से रोकने के लिए बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान जंगल राज और घुसपैठियों के दोहरे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया था, इसलिए पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि एनडीए के भारी जनादेश के बाद विपक्ष कानून-व्यवस्था को लेकर सम्राट और सरकार पर निशाना साधना जारी रखेगा। इससे पहले अमित शाह ने मुंगेर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘आप सम्राट चौधरी को तारापुर से जिताइए और हम उन्हें बड़ा आदमी बना देंगे।’ अमित शाह के इस बयान के बाद इतना तो तय ही हो गया था कि सम्राट चौधरी को NDA की सरकार बनने पर कुछ बड़ा ही मिलेगा। वहीं अमित शाह के इस बयान को राजनीतिक हलकों में भाजपा नेतृत्व द्वारा सम्राट को भविष्य में पार्टी के चेहरे के रूप में पेश करने की मंजूरी के रूप में देखा गया। वहीं शुक्रवार को गुजरात में बीएसएफ के 61वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि ‘बिहार में भाजपा नीत एनडीए की जीत देश में घुसपैठियों के खिलाफ जनादेश है।
एनडीए सरकार में नीतीश के मुख्यमंत्री बने रहने के बावजूद, अब भाजपा नेतृत्व की ओर बढ़ती दिख रही है।’ अब ऐसे समझिए कि गृह विभाग की बागडोर अब सम्राट के हाथों में आने से, प्रशासन और नौकरशाही पर उनका प्रभाव बढ़ने की उम्मीद है। कैबिनेट में नंबर दो की हैसियत से, सम्राट के पास कानून-व्यवस्था की पूरी कमान और जवाबदेही होगी, और वह सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ जैसे मुद्दों को सीधे तौर पर संभालेंगे। अपराध की स्थिति में लोग गृह मंत्री पर सवाल उठाते हैं। विपक्षी राजद हमेशा से ही राज्य में अपराध के आंकड़ों को लेकर सीएम नीतीश पर निशाना साधती रही है, जिनके पास पहले गृह विभाग भी था। लेकिन अब विपक्ष के निशाने पर नीतीश की जगह सम्राट चौधरी होंगे। राजद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले सम्राट पिछले साल उपमुख्यमंत्री बनने से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे। वे बिहार की राजनीति के एक प्रमुख कुशवाहा नेता शकुनि चौधरी के पुत्र हैं ।







