
पटना: बिहार के गया जिले के बोधगया की ‘जीविका दीदी’ पुष्पलता ने अपनी सूझबूझ से पारंपरिक मिठाइयों को सेहत का खजाना बना दिया है। उन्होंने बिना चीनी के मीठी मिठाइयां बनाई हैं, जिन्हें डायबिटीज के मरीज भी खा सकते हैं। पुष्पलता, पारंपरिक मिठाइयों को बनाने में नीरा (खजूर का रस) सेहत से जोड़कर नई पहचान दिलाई है। नीरा से तैयार लड्डू, पेड़ा और तिलकुट अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं।
इन मिठाइयों की मांग देश के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच चुकी है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार सरस मेला में बोधगया का यह स्टॉल सबसे अधिक भीड़ खींचने वालों में शामिल है। लोग शुगर-फ्री मिठाइयों का स्वाद लेने के साथ इनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं। जीविका समूह की महिलाएं यह भी स्पष्ट कर रही हैं कि नीरा नशायुक्त नहीं, बल्कि पूरी तरह प्राकृतिक और पौष्टिक होता है। बोधगया में महाबोधि मंदिर के पास जीविका समूह की स्थायी दुकान संचालित की जा रही है।
सरस मेले के दौरान यहां रोजाना 10 हजार से 20 हजार रुपये तक की बिक्री होने की बात सामने आई है। खासतौर पर डायबिटीज के मरीज और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इन मिठाइयों को पसंद कर रहे हैं। थाईलैंड और जापान जैसे देशों से आने वाले पर्यटक भी इन मिठाइयों को खरीद रहे हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 अप्रैल 2022 को बोधगया की दुकान और 21 जनवरी 2023 को पटना के सरस मेले में इस स्टॉल पर पहुंचे थे। उन्होंने पारंपरिक स्वाद और स्वास्थ्य के बेहतर संयोजन की सराहना की।






