
पटना/नई दिल्ली: छपरा से चुनाव में हार के बाद खेसारी लाल यादव फिर से अपनी फिल्मी दुनिया में लौट चुके हैं। असल मसला भी यही है कि जहां से कमाई हो रही हो, घर चल रहा हो। उस प्रोफेशन को कोई क्यों छोड़ेगा। खेसारी भोजपुरी फिल्मों में बतौर हीरो अच्छा नाम कमा चुके हैं। लिहाजा राजद से चुनाव लड़ा लेकिन हार नसीब हुई। हालांकि राजद के बड़े-बड़े दिग्गज नीतीश के तूफान में उड़ गए। खैर, इसी बीच खेसारी लाल यादव दिल्ली में गरीबों के बीच कंबल बांटने पहुंचे तो एक निजी न्यूज चैनल संवाददाता से उन्होंने बिहार और खास कर अपने नेता तेजस्वी यादव पर खूब बात की। नीचे पढ़िए, खेसारी ने किस सवाल का क्या जवाब दिया।
सवाल: बीजेपी बार-बार सवाल उठा रही है, मुद्दा उठा रही है कि तेजस्वी यादव गायब हो गए हैं। वो सार्वजनिक मंच पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। उसको लेकर क्या कहेंगे आप? सवाल: हंस क्यों रहे है? खेसारी लाल यादव: हंस मैं इसलिए रहा हूं न कि बीजेपी में भी मेरे अपने अपने हैं, राजद भी मेरा अपना है, कांग्रेस भी अपनी है, आम आदमी पार्टी भी अपनी है। सवाल: तेजस्वी यादव कहां गए, इसको लेकर सवाल उठा रहे हैं। आपकी बातचीत होती है? खेसारी लाल यादव:चुनाव के टाइम होती थी। उसके बाद मेरी कोई बातचीत भइया (तेजस्वी यादव) से नहीं हुई है। ना उनका कॉल आया और न मैंने किया। क्योंकि मेरे पास काम बहुत हैं। मैं शुरू से राजनेता बनने वाला आदमी हूं भी नहीं। क्योंकि मैं सच बोलता हूं और सच यहां (राजनीति में) बोला नहीं जाता। तो हमेशा मैं फंसता हूं सच बोलके। मुझे हमेशा लगता है कि यहां सच बोलके कोई आदमी ऊपर जा ही नहीं पाएगा। उसको झूठ बोलना पड़ेगा।
सवाल: हार की वजह से वो सार्वजनिक मंचों पर नहीं आ रहे? परेशान हैं? कभी कुछ बात हुई आपसे उनकी। खेसारी लाल यादव: हर आदमी का एक जीवन होता है। वो नेता हैं लेकिन एक इंसान भी हैं। मेरे कहने का मतलब कि अगर मेरे घर में कोई यज्ञ हो गया तो मैं 24 घंटे यज्ञ में ही रहूंगा। नहीं ना? यज्ञ खत्म हुआ, उसका अपना भी जीवन है। वो (तेजस्वी यादव) परिवार वाले आदमी हैं। उनकी फैमिली है, दो बच्चे के बाप हैं, बीवी है। तो इंसान जब उस माहौल से दूर जाएगा तो दुनिया के लिए बेहतर होगा। वो (तेजस्वी यादव) जहां भी गए, अमेरिका गए, लंदन गए। कम से कम वहां जाकर वहां के लोगों के अंदर क्या विजन है, उसको बिहार लाकर डेवलप कर सकेंगे।






