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शिवहर में जलसंकट गहराया, ग्रामीणों का अल्टीमेटम—दो दिन में टैंकर नहीं आया तो करेंगे आंदोलन

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Water crisis deepens in Shivhar, villagers give ultimatum - if tanker does not come in two days then we will protest

शिवहर: शिवहर इन दिनों भीषण जलसंकट से जूझ रहा है। चिलचिलाती गर्मी और लगातार पड़े सुखाड़ के कारण जिले के अधिकांश इलाकों में पेयजल की भारी किल्लत हो गई है। जिला मुख्यालय सहित पिपराही, डुमरी कटसरी और तरियानी प्रखंड के दर्जनों गांवों में हालात बेहद गंभीर हो चले हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांवों में लगे चापाकल पूरी तरह सूख चुके हैं। नल-जल योजना पहले ही दम तोड़ चुकी है और प्रशासन अब तक इस संकट से निपटने में असफल रहा है। हालात यह हो चुके हैं कि लोग एक-एक बाल्टी पानी के लिए 2 से 3 किलोमीटर तक पैदल चलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन चापाकलों से थोड़ी बहुत पानी आ रही है, वहां लोग दूसरों को पानी नहीं देना चाहते।

गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी पानी के लिए परेशान हैं। कुछ लोग मजबूरी में महंगे दामों पर पानी खरीदकर मंगवा रहे हैं। भोजन बनाना मुश्किल हो गया है, वहीं नहाना और मवेशियों को पानी पिलाना तो दूर की बात हो गई है। गांवों में लोग खेतों में लगे सिंचाई वाले मोटर पंपों से पानी भरकर ला रहे हैं, लेकिन वहां भी पानी कम हो रहा है। मोटर चलते ही पानी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। पिछले दिनों हुई मामूली बारिश से भी जलस्तर में कोई सुधार नहीं हुआ। शहर के ब्रह्म स्थान चौक, डुमरी कटसरी प्रखंड का महमदपुर कटसरी गांव, पिपराही प्रखंड का नयागांव महुआवा सभी इलाकों में जलसंकट चरम पर है। शहर के मुरारी चौक पर एक समरसेबल पंप से सुबह और शाम पानी बांटा जा रहा है, लेकिन जरूरत के मुकाबले यह नाकाफी साबित हो रहा है।

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नगर परिषद की ओर से टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है, मगर वह भी पर्याप्त नहीं है। डुमरी कटसरी प्रखंड के मोहम्मदपुर कटसरी गांव के ग्रामीणों ने जल संकट को लेकर प्रखंड कार्यालय का घेराव किया और तत्काल समाधान की मांग की। स्थानीय नेता रणविजय सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 और 11 में पानी की स्थिति बेहद खराब है। पिपराही प्रखंड के नयागांव महुआवा निवासी चंदन कुमार ने बताया कि गांव का हर चापाकल सूख चुका है। नल-जल योजना ठप पड़ी है, पाइप जगह-जगह टूटे पड़े हैं, ऑपरेटर फरार हैं और ठेकेदार फोन नहीं उठाते। मरम्मत के नाम पर पैसा उठाया जा रहा है, लेकिन काम शून्य है। ग्रामीण उदय नारायण गुप्ता, संतोष यादव, दिनेश पासवान, लक्ष्मी प्रसाद और जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि स्थानीय मुखिया और विधायक किसी का फोन नहीं लग रहा। लोग परेशान हैं और मदद के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर टैंकर से पानी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो वे मजबूर होकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

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