
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना को लेकर भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की है। केसरिया और कल्याणपुर के बीच कैथवलिया में बन रहे इस मंदिर को विश्व के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल करने की योजना है। शिवलिंग स्थापना समारोह को लेकर पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विस्तृत ट्रैफिक रूट प्लान जारी किया है। कार्यक्रम के दिन भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि जाम की समस्या न हो। मंदिर क्षेत्र और मुख्य संपर्क मार्गों पर सात ड्रॉप गेट बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को पैदल प्रवेश दिया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग, पार्किंग स्थल और सहायता केंद्र बनाए गए हैं। हर प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिस, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।

यात्रा मार्गों की भी स्पष्ट जानकारी दी गई है। मुजफ्फरपुर से आने वाले श्रद्धालु चकिया होते हुए केसरिया मार्ग से लगभग 9 किमी आगे कैथवलिया पहुंच सकते हैं। गोपालगंज से खजुरिया चौक के रास्ते राजपुर होते हुए 15 किमी की दूरी तय कर मंदिर पहुंचा जा सकेगा। मोतिहारी से पिपराकोठी–कोटवा–भोपतपुर मार्ग लगभग 40 किमी का है, जबकि पिपरा रेलवे स्टेशन–कल्याणपुर रूट से दूरी करीब 45 किमी पड़ेगी। चकिया होकर जाने वाला मार्ग 48 किमी का है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। विराट रामायण मंदिर को आध्यात्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।






