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पटना–मथुरा में खड़ी गाड़ियों का जमशेदपुर–गोरखपुर में कटा टोल, फास्टैग गड़बड़ी का शक

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Toll deducted from vehicles parked in Patna-Mathura at Jamshedpur-Gorakhpur, FASTag glitch suspected

पटना: क्या आपकी गाड़ी आपके घर के बाहर पार्क है और अचानक आपके मोबाइल पर टोल टैक्स कटने का मैसेज आ जाता है? बिहार और पड़ोसी राज्य झारखंड में इन दिनों FASTag के जरिए ‘गलत कटौती’ का एक बड़ा खेल सामने आया है। ताज्जुब की बात यह है कि गाड़ियां सैकड़ों किमी दूर खड़ी हैं, फिर भी नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर उनके पैसे काटे जा रहे हैं। इन घटनाओं ने FASTag सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पटना के रहने वाले सिद्धार्थ कौशल के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। बीते मंगलवार की शाम उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि जमशेदपुर के पुतरू टोल प्लाजा पर उनकी गाड़ी (7852) से 65 रुपये कट गए हैं। सिद्धार्थ ने बताया, ‘मैं हैरान रह गया, मेरी गाड़ी पटना में घर के बाहर खड़ी थी। मैं उस रास्ते पर कभी गया ही नहीं।’ कौशल का अनुभव अकेला नहीं है। रांची के सिविल इंजीनियर प्रभाकर की कहानी और भी चौंकाने वाली है।

29 जुलाई को उनकी कार (0302) मथुरा के एक वर्कशॉप में ठीक हो रही थी, लेकिन उनके FASTag अकाउंट से गोरखपुर के पास टेंदुआ टोल प्लाजा पर 130 रुपये काट लिए गए। उन्होंने 1033 हेल्पलाइन पर शिकायत तो की, लेकिन महीनों बाद भी उन्हें रिफंड का पता नहीं है। रोहतास जिले के नोखा के अभय रंजन को शक है कि यह गड़बड़ी जानबूझकर की जा रही है। उनकी गाड़ी (3218) कभी रांची नहीं गई, फिर भी पुंदाग टोल प्लाजा पर 75 रुपये कट गए। अभय का दावा है कि एक हफ्ते पहले कोइलवर टोल पर उनकी कर्मचारी से बहस हुई थी, जिसने उन्हें ‘सबक सिखाने’ की धमकी दी थी। NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी (पटना) एन.एल. येओतकर ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली, लेकिन विभाग के अन्य सूत्रों ने इस गड़बड़ी की परतें खोली हैं।

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सड़क निर्माण विभाग के एक पूर्व इंजीनियर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टोल प्लाजा पर कुछ लेन ‘मैनुअल ऑपरेशन’ के लिए होती हैं (स्थानीय या छूट प्राप्त वाहनों के लिए)। यहां कर्मचारी हाथ से गाड़ी का नंबर फीड करते हैं। अगर नंबर दर्ज करने में एक भी अंक की गलती हुई, तो किसी दूसरे शहर में बैठे व्यक्ति के अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। जहां NHAI के कुछ अधिकारी इसे ‘असंभव’ बताते हैं, वहीं डेटा कुछ और ही कहता है। NHAI की अपनी रिपोर्ट मानती है कि गड़बड़ियां हुई हैं। NHAI ने अपनी रिपोर्ट में कई मामलों में गलत कटौतियों को स्वीकार किया है और टोल ऑपरेटरों पर हर वेरिफाइड मामले पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक NHAI अधिकारी ने कहा, ‘सिर्फ 2025 की पहली तिमाही में, कम से कम 250 ऐसे जुर्माने लगाए गए, जिससे घटनाओं में 70 फीसदी की गिरावट आई है। इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) को हर महीने लगभग 30 करोड़ FASTag ट्रांजैक्शन में गलत कटौतियों की लगभग 50 सही शिकायतें मिलती थीं।’

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