सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एमएसएमई–विकास एवं सुविधा कार्यालय, पटना द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत सासाराम रेलवे स्टेडियम में किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सीधे बाजार से जोड़ना, उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन रोहतास जिला पदाधिकारी उदिता सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा प्रदर्शनी स्थल का अवलोकन किया गया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए कारीगरों से सीधे संवाद किया और उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता, नवाचार तथा स्टॉलों की आकर्षक सजावट की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन कारीगरों को न केवल बाजार उपलब्ध कराते हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं और उन्हें नए ग्राहकों तथा व्यावसायिक अवसरों से जोड़ते हैं। इस दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा कारीगरों द्वारा बनाई गई कई सामग्रियों की खरीदारी कर कारीगरों का हौसला बढ़ाया गया।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाना, उनकी आजीविका को स्थायी आधार देना और उन्हें आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना है। उन्होंने लाभार्थियों से योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और अपने कौशल को व्यवसाय में बदलने का आह्वान किया। जिला पदाधिकारी ने बैंकिंग संस्थानों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ऋण स्वीकृति और वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया, ताकि कारीगरों को बिना अनावश्यक देरी के वित्तीय सहायता मिल सके और उनका व्यवसाय आगे बढ़ सके। उद्योग महाप्रबंधक, रोहतास आशीष रंजन ने कहा कि तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले में पारंपरिक कारीगरों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, लकड़ी व लोहे के उत्पाद, वस्त्र, सजावटी सामग्री सहित विविध उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है।
इस आयोजन के माध्यम से कारीगरों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने, अपने उत्पादों की ब्रांडिंग करने तथा उद्यम के विस्तार का सुनहरा अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि द्वारा जानकारी दी गई कि चालू माह में अब तक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 130 ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। साथ ही, आज के आयोजन में 100 ऋणों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में कारीगरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने यह भी प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में रोहतास जिला राज्य स्तर पर चौथे स्थान पर है। उन्होंने इसके लिए संबंधित विभागों, बैंकिंग संस्थानों तथा कार्यान्वयन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में सहायक निदेशक ग्रेड-I, एमएसएमई-डीएफओ, पटना घमंडी लाल मीणा द्वारा स्वागत संबोधन किया गया। मंच संचालन एस.के. अग्निहोत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी, स्थानीय उद्यमी एवं बड़ी संख्या में कारीगर उपस्थित रहे।







