
पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं नगर विकास आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग में अनुशासन और कार्यशैली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर उन्होंने दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित अधिकारियों में शाखा अधिकारी उमेश्वर कुमार सिंह और सहायक शाखा अधिकारी जितेंद्र कुमार शामिल हैं। यह कार्रवाई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फाइल को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत न करने के कारण की गई।
मामला करीब एक सप्ताह पहले उजागर हुआ, जब डिप्टी सीएम विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में कार्यपालक अधिकारी कुमार ऋत्विक ने एक महत्वपूर्ण फाइल मांगी थी, लेकिन उसकी प्रस्तुति में देरी और हीला-हवाली देख मंत्री ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में दोनों अधिकारियों की ओर से चूक और लापरवाही की पुष्टि हुई। इसके बाद उमेश्वर कुमार और जितेंद्र कुमार को ‘कारण बताओ’ (Show-cause) नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद डिप्टी सीएम ने उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सुशासन की सरकार में अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का समय पर पालन करना अनिवार्य है। महत्वपूर्ण फाइलों को दबाकर रखना या प्रक्रिया में अनावश्यक देरी करना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। इस कार्रवाई का उद्देश्य विभाग के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कड़े फैसले अन्य अधिकारियों के लिए संदेश के रूप में काम करते हैं कि सरकारी कामों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय प्रक्रियाओं में समयबद्धता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना राज्य प्रशासन की कार्यकुशलता के लिए अहम माना जाता है। इस निलंबन से न केवल विभाग में अनुशासन का संदेश गया है, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी और पेशेवर नैतिकता का एहसास भी कराया गया है।
इस कदम से यह साफ हुआ कि बिहार सरकार अपने प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है।






