सीतामढ़ी: सूबे के सीतामढ़ी जिले में जनवरी 2025 से अबतक हर माह औसतन सात से आठ हत्याएं हो रही है। हाल के दिनों/महीनों में कुछ बड़े नाम वालों की भी हत्याएं हुई है। इन हत्याओं का मास्टरमाइंड सीतामढ़ी जिला का ही एक ‘मुखिया’ है। पुलिस की जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए है, जो हर किसी के लिए चौंकाने वाला है। सच्चाई सामने आने के बाद मास्टरमाइंड की मंशा से पुलिस भी हैरान है। मुखिया की गिरफ्तारी और उसके मोबाइल से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। दरअसल, अपराधियों के एक गैंग का लीडर पूरे जिले को अशांत रखना चाहता था।
वह खुद को खौफ का पर्याय साबित करना चाहता था। वो अपनी नापाक मंशा को धरातल पर उतारने के लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों ताबड़तोड़ हत्याएं कर रहा था। खास बात यह कि इस गैंग में शामिल अपराधियों को मुखिया पनाह देता था। पुलिस की माने, तो मुखिया ‘गैंग’ के संरक्षक के रूप में काम कर था। पुलिस ने मुखिया को दबोच कर पूछताछ करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि गत शुक्रवार को डुमरा थाना क्षेत्र के लगमा गांव के ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश शर्मा की उनके दरवाजे पर ही तीन अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसे लेकर लोगों ने एनएच जाम कर काफी हंगामा किया था। पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ डाले गए थे। एसपी अमित रंजन के ट्रांसफर की भी मांग उठी थी। उक्त हत्याकांड के उद्भेदन के लिए एसपी ने सदर डीएसपी- 01 राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की थी। सदर डीएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य जांच में सामने आया कि ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व जिलाध्यक्ष शर्मा की हत्या रंजन पाठक गिरोह ने की थी। सीसीटीवी में तीन अपराधियों को चिन्हित किया गया है। इनमें से दो जेल भेजे जा चुके है, तीसरा फरार है। जांच में पता चला है कि इसी गिरोह ने डुमरा प्रखंड के परोहा पंचायत की मुखिया के देवर मदन कुशवाहा के अलावा बाजपट्टी थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या को भी अंजाम दिया था।







