बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम का समय शेष रह गया है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी और तेज कर दी है। ऐसे में चुनाव आयोग भी मतदान की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए जोरो सोरो से तैयारी में जुटा है। इसी सिलसिले में चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बिहार में मतदान के दौरान बुर्का पहनने या पर्दा करने वाली महिलाओं को लेकर अहम घोषणा की। आयोग ने बताया कि बुर्का पहनने या पर्दा करने वाली महिलाओं के मतदान के दौरान उनकी गरिमापूर्ण पहचान के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
इसके तहत ऐसी महिलाओं की पहचान महिला पोलिंग अफसरों या सहायकों की मौजूदगी में की जाएगी, ताकि उनकी निजता बनी रहे। इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया था कि हर बूथ पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाएगा, जो बुर्का या पर्दा पहनने वाली महिलाओं की पहचान में मदद करेंगी। उन्होंने यह भी कहा था कि चुनाव आयोग की स्पष्ट गाइडलाइन है कि मतदान केंद्र के अंदर पहचान कैसे की जानी है, और इसे पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।
बता दें कि ये मामला चर्चा में तब आया जब बीते दिनों बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने हाल ही में आयोग से अनुरोध किया था कि बुर्का पहनकर आने वाली महिलाओं के चेहरे को मतदाता कार्ड से मिलाया जाए। गौरतलब है कि बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरण में छह नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होगा। 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं, दूसरे चरण में 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इस बार राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें लगभग 14 लाख नए मतदाता शामिल हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे।







