
सासाराम: अबकी बार लुटेरी दुल्हन को बिहार में पकड़ लिया गया।सासाराम में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को दबोचा है जो दूसरे राज्यों के उन युवकों को निशाना बनाता था जिनकी शादी नहीं हो पा रही होती थी। राजस्थान के एक युवक से करीब 3 लाख रुपये की ठगी करने के बाद जब दुल्हन सासाराम रेलवे स्टेशन से फिल्मी अंदाज में फरार हुई, तब इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ। ये गिरोह फर्जी नाम और पते के सहारे शादियां रचाता था और मोटी रकम ऐंठने के बाद रफूचक्कर हो जाता था। पुलिस जांच में पता चला है कि गिरफ्तार महिलाओं का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी हैं। राजस्थान के जालोर निवासी हरचंद राम इस गिरोह के जाल में फंस गए। सासाराम कोर्ट में अंजलि नाम की लड़की से उनकी शादी कराई गई।
शादी के बाद गिरोह के सदस्यों ने खरीदारी और अलग-अलग बहानों से पीड़ित से करीब 2 लाख 85 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसमें से कुछ राशि नकद ली गई और कुछ ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई। ठगी का अहसास तब हुआ जब दुल्हन सासाराम स्टेशन पर बाथरूम जाने का बहाना बनाकर बाहर खड़ी बाइक पर बैठकर फरार हो गई। पीड़ित के अनुसार, शादी के बाद उसे बाजार ले जाकर खूब खरीदारी कराई गई। गिरोह की सदस्य सरोज देवी के इशारे पर युवक ने दीपक और मनीष नाम के युवकों को भी पैसे ट्रांसफर किए। जब पीड़ित अपनी नई नवेली दुल्हन के साथ घर लौटने की तैयारी में था, तभी अंजलि ने स्टेशन पर चालाकी दिखाई और अपने साथियों के साथ बाइक पर बैठकर नौ दो ग्यारह हो गई। इसके बाद पीड़ित ने नौहट्टा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
एसपी रोशन कुमार के निर्देश पर नोखा, नौहट्टा और धर्मपुर थानाध्यक्षों की एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने धर्मपुर के सिसरित गांव से सरोज देवी और करवंदिया से ‘दुल्हन’ अंजलि कुमारी को धर दबोचा। इनके पास से 10 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों दीपक और मनीष की तलाश में छापेमारी कर रही है। जांच में ये चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अंजलि ने अपना जो नाम और पता (भदारा गांव के तुलसी साह की बेटी) बताया था, वो पूरी तरह फर्जी निकला। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन महिलाओं पर पहले से ही सासाराम नगर, नोखा और नौहट्टा थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। ये गिरोह संगठित तरीके से दूसरे राज्यों के लोगों को शिकार बनाता था ताकि पकड़े जाने का खतरा कम रहे।






