पटना: बिहार में इस विधानसभा चुनाव कुछ अजब ही उलटफेर देखने को मिल रहा है। NDA में मचा घमासान किसी तरह थमा तो अब खबर है कि चिराग पासवान मायूस हो गए हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के न चाहने पर भी कुछ ऐसा हो गया जो दिल्ली दरबार को पसंद न आया हो। हालांकि अभी तक न तो राजद की ओर से और न ही कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। हालांकि लेफ्ट पार्टियों ने देर न करते हुए अपनी तरफ से लिस्ट जारी कर दी। वहीं तेजस्वी यादव ने देर न करते हुए राघोपुर विधानसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी का पर्चा बुधवार को दाखिल कर दिया।
वह इस सीट से पिछली दो चुनावों में जीते हैं और लगातार तीसरी बार चुनावी मैदान में हैं। राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों विधायक रह चुके हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष 35 वर्षीय तेजस्वी यादव ने वैशाली जिले के मुख्यालय हाजीपुर में नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके पिता और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव तथा मां राबड़ी देवी मौजूद रहीं। पर्चा दाखिल करने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, ‘राघोपुर की जनता ने हम पर लगातार दो बार भरोसा किया है। जनता मालिक है। यह तीसरी बार है जब हमने राघोपुर से अपना नामांकन दाखिल किया है।
हमें विश्वास है कि राघोपुर की जनता एक बार फिर हम पर भरोसा करेगी… हम सिर्फ़ सरकार नहीं बनाना चाहते, हम बिहार बनाना चाहते हैं। अब बिहार भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त राज्य बनना चाहता है… कई लोग अफवाह फैला रहे थे कि हम दो जगहों से चुनाव लड़ेंगे। तेजस्वी 243 सीटों से चुनाव लड़ रहा है, लेकिन जब एक सीट की बात आती है, तो हम पहले से ही राघोपुर से चुनाव लड़ते रहे हैं और केवल राघोपुर से ही चुनाव लड़ रहे हैं।’ वहीं नॉमिनेशन के लिए जब तेजस्वी पटना से निकले तो वहां पर कार्यकर्ताओं ने ‘बिहार का सीएम कैसा हो, तेजस्वी यादव जैसा हो’ के नारे लगाए। वैशाली जाते समय भी कार्यकर्ताओं ने इसी नारे को खूब लगाया। ये अलग बात है कि पटना में वोटर अधिकार यात्रा में राहुल गांधी ने तेजस्वी के बिहार में महागठबंधन में सीएम चेहरे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।







