पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (Election Commission) पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि पहले चरण के मतदान के चार दिन बीत जाने के बाद भी आयोग यह नहीं बता पाया है कि कितनी महिलाओं और पुरुषों ने वोट डाले। तेजस्वी यादव ने कहा, ‘पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हुआ था, लेकिन आज 10 नवंबर तक कोई आधिकारिक डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह तकनीक का जमाना है, फिर भी आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। 11 नवंबर को दूसरा चरण है और 14 नवंबर को नतीजे आएंगे, लेकिन तब तक वोटिंग अनुपात तक पता नहीं चलेगा।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है। लगता है BJP जितना पाप करेगी, EC उस पर पर्दा डालेगा।’ तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री बताएं कि अगले पांच साल में बिहार के लिए उनकी क्या योजना है। उनकी कथनी और करनी में फर्क साफ दिखता है। वो कट्टा-बंदूक की बात करते हैं, लेकिन मंच पर मनोरमा देवी जैसे दागदार उम्मीदवारों के साथ नजर आते हैं।’ राजद नेता ने कहा, ’20 साल तक NDA ने शासन किया, लेकिन बिहार को देश के सबसे निचले पायदान पर छोड़ दिया। डबल इंजन की सरकार का कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले दो दशकों में लाखों लोग शिक्षा, रोजगार और इलाज के लिए बिहार छोड़कर चले गए।’
तेजस्वी यादव ने कहा कि ’14 नवंबर के बाद बिहार में बदलाव की नई शुरुआत होगी। “हम बिहार को सबसे विकसित राज्य बनाएंगे। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, कृषि आधारित उद्योग, आईटी हब, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करेंगे ताकि किसी बिहारी को रोज़गार के लिए बाहर न जाना पड़े।’ राजद नेता के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन ‘ललन’ सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, ‘विपक्ष को हवाबाजी की आदत है। पहले चरण के चुनाव में वो कहीं नजर नहीं आएंगे। तेजस्वी यादव के माता-पिता ने 15 साल तक बिहार को अंधेरे में रखा था। तब सड़कें गड्ढों में तब्दील थीं, बिजली नहीं थी और शाम के बाद कोई घर से बाहर नहीं निकलता था।’







