पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच RJD (राष्ट्रीय जनता दल) के नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एक इंटरव्यू में अपनी चुनावी रणनीति, गठबंधन के प्रदर्शन और वादों को पूरा करने की संभावनाओं पर खुलकर बात की। इस दौरान ‘जंगलराज’ के सवाल पर तेजस्वी यादव ने राजद के अतीत का बचाव करते हुए कहा कि असली ‘जंगलराज’ को बिहार में अभी है।
पहले चरण का मतदान समाप्त हो चुका है। गठबंधन के प्रदर्शन के बारे में आपका क्या अनुमान है?
तेजस्वी यादव: पहले चरण के मतदान में महागठबंधन को समाज के हर वर्ग से वोट मिला है, जिससे ‘नए बिहार’ की नींव पड़ी है। उन्होंने कहा, ‘पहला चरण महागठबंधन सरकार के लिए एक ठोस आधार बना चुका है। यह तो बस शुरुआत है और यह गति दूसरे चरण में भी बनी रहेगी।’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग बीजेपी की मदद कर रहा है?
तेजस्वी यादव: बिहार में वोटर लिस्ट से योजनाबद्ध तरीके से नाम हटाए गए हैं, ताकि विपक्ष को नुकसान पहुंचे। बीच चुनाव में वोट प्रभावित करने के लिए सरकार महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये डाल रही है। हमने चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा इन्हीं महिलाओं को चुनाव ड्यूटी पर लगा दिया गया। केंद्रीय मंत्री खुलेआम कह रहे हैं कि ‘जो हमारे लिए वोट नहीं देता, उसे वोट देने ही मत दो।’ आयोग की भूमिका संदिग्ध है। पर जनता सब समझती है, खासकर युवा, वे हर चाल का जवाब देंगे।
2020 के विधानसभा चुनाव में, राजद ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और आप पार्टी के नेता के रूप में उभरे। क्या इस बार मामला थोड़ा फीका पड़ गया है?
तेजस्वी यादव: बिल्कुल नहीं, बल्कि हम और मजबूत हुए हैं। हमने विपक्ष में रहकर भी सरकार का एजेंडा तय किया। हमारे गठबंधन में अब VIP और IIP भी शामिल हैं। दूसरी तरफ एनडीए में पांच पार्टियां हैं, लेकिन सब एक-दूसरे को खत्म करने में लगे हैं। बीजेपी तक नीतीश कुमार को सीएम फेस घोषित नहीं कर रही। जनता जानती है- अब बदलाव तय है। किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं हर वर्ग एनडीए सरकार से निराश है और बदलाव चाहता है।
2020 में, आप रोजगार को चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाने में कामयाब रहे थे। इस बार रोजगार का मुद्दा उतना बड़ा नहीं दिख रहा?
तेजस्वी यादव: रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य यही इस चुनाव के असली मुद्दे हैं। हमने साफ कहा है कि 20 महीनों में हर परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिलेगी। जब हम 18 महीने सरकार में थे, तब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। डबल इंजन सरकार ने सिर्फ भ्रष्टाचार और बेरोजगारी दी। जनता सब देख रही है।
क्या आपने 30,000 रुपये देने की घोषणा सिर्फ नीतीश सरकार के 10 हजार के असर को काटने के लिए की है?
तेजस्वी यादव: नहीं, ये ‘माई-बहिन योजना’ के तहत स्थायी सहायता है। हम हर महिला को 2,500 रुपये महीना देंगे यानी 30 हजार सालाना। ये एक स्थायी योजना है, चुनावी रिश्वत नहीं। हमारी सरकार बनते ही 14 जनवरी को 30 हजार रुपये महिलाओं को दिए जाएंगे, ताकि वे महंगाई से राहत पा सकें।
हर एक परिवार से एक व्यक्ति को एक सरकारी नौकरी देना क्या संभव है? या केवल चुनावी घोषणा है। क्या आपके पास कोई योजना है?
तेजस्वी यादव: बिल्कुल संभव है। 2020 में जब मैंने 10 लाख नौकरियों की बात की थी, तब हंसी उड़ाई गई थी। लेकिन जब नीतीश जी हमारे साथ थे, हमने 18 महीनों में दिखाया कि पारदर्शी भर्ती कैसे की जाती है। हमारी तीन-स्तरीय योजना है- सभी रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अगले 10 साल के लिए रोजगार की मांग के अनुसार योजना तैयार करना।
जमीनी स्तर पर ऐसा लगता है कि आप अतीत के ‘जंगल राज’ के ठप्पे को नहीं मिटा पाए हैं। क्या ‘जंगलराज’ की छवि अब भी आपका पीछा नहीं छोड़ रही?
तेजस्वी यादव: मीडिया इसे बार-बार उठाता है। बिहार में सबसे ज़्यादा अपराध होने के बावजूद, नीतीश कुमार को ‘सुशासन बाबू’ का ठप्पा लगा दिया गया है और वे मीडिया की पूछताछ से बच निकलते हैं। हर दिन हत्याएं, लूटपाट और महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं। मंत्रियों के काफिले पर हमले होते हैं और विधायकों पर गोलियां चलाई जाती हैं- ये किसका राज है? असली जंगलराज तो अभी चल रहा है। यौन उत्पीड़न से लेकर हत्या तक, भ्रष्टाचार से लेकर भर्ती घोटालों तक, हर तरह के अपराधी बिहार में पनाह पाते हैं। ये सिर्फ़ जंगलराज नहीं है, ये भाजपा-जदयू के राज में भ्रष्टाचार का भी राज है। ये असली डबल इंजन है। पेपर लीक, जमीन घोटाले, शराब माफिया, सब कुछ इनके राज में खुलेआम फल-फूल रहा है। जब ये जवाब नहीं दे पाते, तो जाति का कार्ड खेलते हैं। ये अपने 20 साल के शासन की बात नहीं करते और हमेशा पुराने जमाने के लोगों को अपने साथ ले जाने की कोशिश करते हैं।
2020 में युवा मतदाताओं के बीच आपकी अच्छी पकड़ थी। क्या आपको लगता है कि इस बार युवा मतदाताओं का उत्साह कम है?
तेजस्वी यादव: बिल्कुल नहीं। युवा इस सरकार को बदलने के लिए इंतजार कर रहे हैं। मैं सोशल मीडिया पर लगातार उनसे संवाद कर रहा हूं। उन्हें पता है कि हमने वादे निभाए हैं। युवा अब अपने अधिकारों के लिए सजग हैं, और वही बदलाव लाएंगे।
ऐसा लगता है कि आपके परिवार में कुछ समस्याएं हैं। आपने उन्हें चुनाव प्रचार से दूर रखा है। आपके बड़े भाई ने एक पार्टी बना ली है और चुनाव लड़ रहे हैं?
तेजस्वी यादव: पार्टी परिवार से बड़ी होती है। और परिवार में कोई मतभेद नहीं है। राजनीति कोई पारिवारिक व्यवसाय नहीं है। यह लोगों की सेवा करने का एक माध्यम है। भाजपा नेता राजद पर वंशवाद की पार्टी होने का आरोप लगाते हैं, लेकिन उनके नेताओं को देखिए। सम्राट चौधरी, नीतीश मिश्रा, श्रेयशी सिंह, नीरज बबलू, संजीव चौरसिया से लेकर नितिन नवीन और कई अन्य, वंशवाद ऊपर से शुरू होता है। मैं यह दिखाना चाहता हूं कि राजद वंशवाद की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और विकास की पार्टी है। हमारे पास दूरदर्शिता और काम करने की इच्छाशक्ति है। मैंने यह फैसला हर कार्यकर्ता को यह एहसास दिलाने के लिए लिया कि अवसर सभी के लिए हैं, सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं। मेरे परिवार से मेरे अलावा कोई भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहा है। यह सिर्फ़ एक चुनावी रणनीति नहीं है, बल्कि संगठन को मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की दिशा में एक कदम है।
सवाल: 30 से अधिक मौजूदा विधायकों के टिकट कटे
तेजस्वी यादव: 30 से अधिक मौजूदा विधायकों का टिकट काटने के फैसले पर तेजस्वी ने कहा कि यह निर्णय पार्टी कार्यकर्ताओं के फीडबैक और ग्राउंड सर्वे पर आधारित था। उन्होंने कहा, ‘हमने ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं जो लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर सकें… कई क्षेत्रों में लोग नए चेहरे, नई ऊर्जा और युवा नेतृत्व चाहते थे। यह व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता की राय का सम्मान करने का फैसला था।’







