मुज्जफरपुर: मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र में चक्रवाती तूफान के दौरान गिरे ट्रांसफॉर्मर के नीचे दबकर 15 वर्षीय मो. फैजल की मौत के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने घटना के बाद शव का पोस्टमार्टम तो कराया, लेकिन मामले में यूडी (अज्ञात मृत्यु) केस दर्ज करना ही भूल गई। इस लापरवाही का सीधा असर पीड़ित परिवार पर पड़ा है। यूडी केस दर्ज न होने के कारण मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया अटक गई है।
फैजल के पिता मो. बेचू बीते दो महीनों से मनियारी थाना का चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने घटना के दिन ही आवेदन दिया था, लेकिन पुलिस ने उसकी पावती रसीद तक नहीं दी। मो. बेचू का कहना है कि पुलिस ने उन्हें सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति दी है, लेकिन केस की कॉपी देने के नाम पर दो माह से लगातार दौड़ाया जा रहा है। जांच में सामने आया कि मो. बेचू द्वारा दिया गया आवेदन थाने में ही गुम कर दिया गया, जिसके कारण यूडी केस दर्ज नहीं हो पाया। कुढ़नी सीओ ने स्पष्ट किया कि मुआवजा देने के लिए एफआईआर या यूडी केस की प्रति अनिवार्य है।
ऐसे में पुलिस की लापरवाही के कारण पीड़ित परिवार को परेशानी उठानी पड़ रही है। गौरतलब है कि दो महीने पहले चैनपुर बाजिद पंचायत में आए मोंथा तूफान में भारी तबाही हुई थी। इसी दौरान गिरे ट्रांसफॉर्मर के नीचे दबकर मो. फैजल की मौके पर ही मौत हो गई थी। मनियारी थानेदार जयप्रकाश गुप्ता ने कहा है कि परिजन का बयान दर्ज कर अब यूडी केस किया जाएगा और उसकी प्रति पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी। आगे की कार्रवाई जारी है।







