Home बिहार नवादा मंडल कारा में कैदी की संदिग्ध मौत, लापरवाही के आरोप से...

नवादा मंडल कारा में कैदी की संदिग्ध मौत, लापरवाही के आरोप से हड़कंप

168
0
Suspicious death of prisoner in Nawada Divisional Jail, allegation of negligence creates stir

नवादा: बिहार के नवादा जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। नवादा मंडल कारा में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान हिसुआ थाना क्षेत्र के अंदर बाजार तेली टोला निवासी मनोज साव उर्फ टुनटुन साव के रूप में की गई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और उन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मनोज साव को पूरी तरह स्वस्थ हालत में हिसुआ थाना पुलिस ने 21 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6 बजे उनके घर से गिरफ्तार किया था। अगले दिन 22 दिसंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में नवादा मंडल कारा भेज दिया गया। मृतक की पत्नी संजू देवी ने बताया कि उनके पति को किसी तरह की कोई बीमारी नहीं थी और वे पूरी तरह स्वस्थ थे। बावजूद इसके मंगलवार, 06 जनवरी 2026 को जेल प्रशासन की ओर से उन्हें सूचना दी गई कि जेल में मनोज साव की मौत हो गई।

मृतक के पुत्र सन्नी कुमार ने बताया कि 28 दिसंबर 2025 को उन्होंने अपने पिता से जेल में मुलाकात की थी। उस समय पिता ने किसी भी तरह की तबीयत खराब होने की बात नहीं बताई थी और न ही किसी परेशानी का जिक्र किया था। अचानक मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि मनोज साव की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि मनोज साव की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जेल में उनके साथ प्रताड़ना की गई होगी, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी संजू देवी ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पति ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने कहा, “मेरे पति हमारे घर को मेहनत से चलाते थे।

GNSU Admission Open 2026

आज हमारे सिर से छत छिन गई है। मैं इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग करती हूं। जो भी लोग मेरे पति की मौत के जिम्मेदार हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मुझे न्याय चाहिए और मेरे परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।” इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन को गंभीर होना चाहिए। सवाल उठ रहे हैं कि अगर कैदी पूरी तरह स्वस्थ था, तो कुछ ही दिनों में उसकी मौत कैसे हो गई। वहीं इस मामले पर जेल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या मृतक के परिजनों को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।



GNSU Admission Open 2026