सासाराम। विश्व मानव दुर्व्यपार विरोधी दिवस के अवसर पर बुधवार को सूराज संस्था के तत्वावधान में आरपीएफ के साथ सासाराम रेलवे परिसर में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बाल देख रेख और संरक्षण के सभी व हितधारकों के अतिरिक्त, जीआरपी, रेलवे स्टेशन मास्टर, टिकट निरीक्षक, रेलवे यूनियन के अतिरिक्त रेलवे परिसर में कार्य करने वाले औपचारिक एवं अनौपचारिक कर्मों शामिल हुए। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों के द्वारा बाल दुर्व्यपार यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग से निपटने और रोकथाम के लिए एजेंसी एवं विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करने पर चर्चा की गई।
साथ ही बच्चों की ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए एक मंच पर आने एवं सहयोग करने के लिए अपील किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कर रहे सुराज संस्था के सचिव डॉक्टर ठाकुर रविंद्र नाथ ने कहा कि सूराज संस्था देश में बाल अधिकारो की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 में अधिक नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। जिसका मुख्य मकसद बाल श्रम के साथ-साथ मानव दुर्व्यपार को रोकना है। उन्होंने कहा कि इस से निपटने के लिए हम सभी का सहयोग जरूरी है। वही आरपीएफ प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि आरपीएफ के द्वारा लगातार अभियान चलाया जाता है और कई बाल मजदूरों को भी मुक्त करवाया गया है।
सुमन संस्था के सचिव उर्मिला ने कहा कि मानव दुर्व्यपार को रोकने में हम सभी की भूमिका अहम है। क्योंकि एक दूसरे के परस्पर सहयोग से ही इससे निपटा जा सकता है। वही जीआरपी प्रभारी के साथ-साथ सासाराम स्टेशन मास्टर अरविंद सिंह के साथ-साथ वरिष्ठ कुली संजय यादव, सुभाष राम के साथ सफाई कर्मियों ने भी इस मुहिम में सहयोग करने की बात कही। मौके पर सूराज टीम के अरुण कुमार तिवारी, अजय कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, सीमा कुमारी, चंचल देवी, संगीता कुमारी, पुतुल कुमार ने भी मानव दुर्व्यपार और बाल श्रम को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में अपना अनुभव साझा किया।







